राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 2026 शैक्षणिक सत्र के लिए गाइडेंस एवं काउंसलिंग में डिप्लोमा पाठ्यक्रम (डीसीजीसी) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवार https://dcgc.ncert.org.in/login पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षाविदों को छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने और उनकी शैक्षणिक, सामाजिक-भावनात्मक और नैतिक समस्याओं का समाधान करने के लिए कौशल से लैस करना है।
जानकारी दे दें कि इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 5 नवंबर 2025 है, इच्छुक इस तिथि तक या इससे पहले ही आवेदन कर दें। बता दें कि आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे तथा डिप्लोमा नियमों के अनुसार उनका निपटान किया जाएगा।
कोर्स फेजेस
यह पाठ्यक्रम एक वर्ष की अवधि का है, जो तीन चरणों में संरचित किया गया है। छह महीने का दूरस्थ शिक्षा घटक (जनवरी-जून 2026), उसके बाद निर्दिष्ट क्षेत्रीय केंद्रों पर तीन महीने का संपर्क कार्यक्रम (जुलाई-सितंबर 2026), और अंत में प्रतिभागी के अपने इलाके या कार्यस्थल पर तीन महीने की इंटर्नशिप (अक्टूबर-दिसंबर 2026)।
- दूरस्थ शिक्षा (6 महीने) - जनवरी से जून 2026
- आमने-सामने संपर्क कार्यक्रम (3 महीने) - जुलाई से सितंबर 2026
- गृहनगर/कार्यस्थल पर इंटर्नशिप (3 महीने) - अक्टूबर से दिसंबर 2026
एलिजिबिलिटी
- सेवारत शिक्षक - शिक्षण डिग्री के साथ स्नातक।
- वर्तमान में कार्यरत नहीं - शिक्षण डिग्री के साथ स्नातक और कम से कम दो वर्ष का शिक्षण या संबंधित अनुभव।
- मनोविज्ञान/शिक्षा/सामाजिक कार्य/बाल विकास/विशेष शिक्षा में स्नातकोत्तर। कम से कम एक वर्ष का शिक्षण या संबंधित अनुभव रखने वालों को वरीयता दी जाएगी।
- सभी लक्षित समूहों के लिए न्यूनतम अंक 50% (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 5% छूट) है।
कितनी हैं सीटें?
छह केन्द्रों डीईपीएफई, एनसीईआरटी, नई दिल्ली और पांच आरआईई, अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग में से प्रत्येक में सीटों की कुल संख्या अधिकतम 50 है। सीटों का आरक्षण भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार लागू होगा।
फीस स्ट्रक्चर
- केंद्र द्वारा वित्तपोषित संगठनों से सरकारी प्रतिनियुक्त उम्मीदवार - 19,500/- रुपये
- राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के विभागों से सरकारी प्रतिनियुक्त उम्मीदवार - 6,000/- रुपये
- निजी उम्मीदवार - 30,000/- रुपये
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