बिहार में नीतीश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। बिहार कैबिनेट ने सभी भर्ती परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा के लिए एक समान 100 रुपये शुल्क के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
'मुख्य परीक्षा में बैठने वालों पर नहीं लेगेगा कोई शुल्क'
एक अधिकारी ने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया कि प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और मुख्य परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर इस संबंध में सरकार की योजनाओं की घोषणा की थी। राज्य मंत्रिमंडल ने नालंदा के राजगीर शहर में पांच सितारा दो होटल और वैशाली में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत पांच सितारा एक रिजॉर्ट के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बता दें कि कैबिनेट की बैठक में नीतीश सरकार ने कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
मंजूर हुए प्रस्तावों में से कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव
- बिहार सरकार के अधीन सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में आवेदन शुल्क घटाने के प्रस्ताव को मंजूरी, इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के लिए केवल 100 रूपये का शुल्क लगेगा जबकि मुख्य परीक्षा पूरी तरह निःशुल्क होगी।
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नालंदा जिले के राजगीर में दो पांच सितारा होटल और वैशाली में एक पांच सितारा रिसॉर्ट पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे।
- गन्ना उद्योग विभाग के लिए बिहार ईख विकास सेवा नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई।
- बांका में पुलिस मुख्यालय बनाया जाएगा।
- वित्त विभाग ने राष्ट्रीय सूचना केंद्र द्वारा विकसित ई-लाभार्थी पोर्टल के संचालन और रखरखाव के लिए तीन वर्षों में ₹5.30 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी है।
- भूमि सुधार विभाग ने बांका जिले में 46 एकड़ भूमि पर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस का मुख्यालय बनाने के लिए गृह विभाग को जमीन ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है।
- मधेपुरा में बिजली ग्रिड सब स्टेशन निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दी जाएगी।