अक्सर शिक्षा बोर्ड का काम शिक्षा से संबंधित कामकाजों से ही जुड़ा रहता है। उनका काम होता है कि बोर्ड एग्जाम के लिए बच्चों का रजिस्ट्रेशन पूरा रहे, स्कूल बच्चों को ध्यान रखें और बोर्ड एग्जाम बिना किसी अनियमितता न होने पाएं। जिससे राज्य में बच्चों के प्रति शिक्षित होने भावना बनी रहे। लेकिन एक राज्य में बोर्ड एग्जाम में राज्य की मौजूदा सरकार की पार्टी से जुड़े सवाल पूछे गए। इस पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं और सरकार को पत्र लिखने की बात कही गई है।
4 मार्च को थी परीक्षा
ये कारनामा पंजाब बोर्ड एग्जाम के दौरान हुआ है। यहां 12वीं कक्षा की पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा में बच्चों के सामने सत्ता पक्ष आम आदमी पार्टी से संबंधित दो प्रश्न पूछे गए, जिस पर विपक्ष ने पंजाब सरकार पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बता दें कि 4 मार्च को पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड द्वारा पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा आयोजित कराई गई थी। इस परीक्षा में दो सवाल आम आदमी पार्टी से संबंधित पूछे गए हैं।
कौन से थे सवाल?
बोर्ड ने परीक्षा में बच्चों के सामने दो सवाल पेपर में दिए। पहला सवाल "आम आदमी पार्टी की स्थापना कब हुई थी?" जबकि दूसरा सवाल "आम आदमी पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों का वर्णन करें।" इन सवालों को लेकर विपक्ष ने सरकार पर बोर्ड को अपने इशारों पर नचाने का आरोप लगाया है।
विपक्ष ने लगाए ये आरोप
पंजाब भाजपा नेता विनीत जोशी ने कहा कि पंजाब सरकार पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड का इस्तेमाल करके युवाओं को राजनीतिक तौर पर प्रभावित करना चाहती है। अगर आम आदमी पार्टी से संबंधित सवाल पूछे गए हैं तो इसका मतलब यह भी है कि स्कूलों में आम आदमी पार्टी और उसकी नीतियों और कार्यों के बारे में भी पढ़ाया जाता है। सिर्फ आम आदमी पार्टी से संबंधित सवाल क्यों पूछे गए हैं, इसमें कांग्रेस अकाली दल और बीजेपी के बारे में भी सवाल पूछा जा सकता था। हम इसको लेकर जल्द एक पत्र भी सरकार को लिखेंगे।
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