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चाय ने तोड़ा डॉक्टर बनने का सपना, नहीं हुई सुनवाई तो मामला पहुंचा हाईकोर्ट

 Reported By: Manish Bhattacharya, Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Jun 08, 2023 11:24 am IST,  Updated : Jun 08, 2023 02:38 pm IST

एक चाय ने एक छात्रा के सपनों पर पानी फेर दिया। एक राजस्थान की छात्रा अपना एग्जाम लिख रही थी कि तभी परीक्षक की गलती ने उसके सपनों के पंख कतर दिए। छात्रा ने परीक्षक व प्रिंसिपल से मदद की खूब गुहार लगाई, पर किसी ने एक न सुनी। इसके बाद छात्रा ने हाईकोर्ट की ओर रुख किया।

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छात्रा दिशा शर्मा Image Source : INDIA TV

बचपन से लेकर बुढ़ापे तक लगभग सभी के दिन की शुरूआत एक चाय की प्याली होती है। आपने देखा भी होगा कि हर किसी के दिन की शुरुआत चाय से होती है और दिन में जब भी चाय पीने का मौका मिले तो कोई भी टी-लवर चाय की चुस्कियां लेने से नहीं चूकते। इतना ही नहीं इसी चाय ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दिया, लेकिन कभी आपने सोचा है यही चाय किसी के सपनों पर भी पानी फेर सकता है। जी हाँ, ऐसा ही हकीकत में कुछ हुआ है, जहां एक कप चाय ने 18 साल की दिशा शर्मा की डॉक्टर बनने की ख्वाहिश को चकनाचूर कर दिया।

चाय लेकर घूम रहे थे इनविजिलेटर

जानकारी दे दें कि मामला राजस्थान के जयपुर का है, यहां बस्सी कस्बे की रहने वाली 18 साल की दिशा शर्मा बीते माह 7 मई को रामनगरिया के विवेक टैक्नो स्कूल में नीट परीक्षा (NEET Exam) दे रही थीं, यहीं परीक्षा केंद्र पर टहलते हुए एक परीक्षक के हाथ में चाय का कप था। जो चाय की चुस्कियां का मजा लेते हुए इधर-उधर घूम रहे थे, कि तभी चाय का कप इनविजिलेटर के हाथ से छूटा और दिशा शर्मा की ओएमआर शीट या कहें आंसर शीट पर जा गिरा। इससे ओएमआर शीट पर सवालों के जो उत्तर लिखे हुए थे, वे चाय गिरने से मिट गए। इसके बाद छात्रा के आंख में आंसू आ गए और वह रोने लगी, इस पर भी इनविजिलेटर का दिल नहीं पसीजा और छात्रा को दोबारा आंसर लिखने के लिए टाइम तक नहीं दिया।

प्रिंसिपल ने भी नहीं सुनी

छात्रा दिशा शर्मा ने आरोप लगाया कि चाय गिरने से उसके 17 प्रश्नों के जवाब पूरी तरह से मिट गए और वो रोती-बिलखती रही पर किसी ने उसकी एक न सुनी। इसके बाद दिशा ने जब दोबारा उत्तर लिखने के लिए 5 मिनट का अतिरिक्त समय मांगा, तो उसे भी दरकिनार कर दिया। घटना के बाद इनविजिलेटर भी परीक्षा केंद्र से गायब हो गया तो दिशा ने प्रिंसिपल से गुहार लगाई। साथ ही परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करके पूरी घटना के संबंध में अवगत भी करवाया, पर प्रिंसीपल ने भी उसकी नहीं सुनी। इसके बाद दिशा को मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

हाईकोर्ट ने किया तलब

जानकारी दे दें कि दिशा शर्मा एक होनहार छात्रा हैं। उन्होंने 12वीं में 99 प्रतिशत अंक हासिल किया है। जब दिशा का डॉक्टर बनने का सपना परीक्षक की गलती से टूट गया तो उन्होंने मजबूरन हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने भी उसकी याचिका पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से दिशा की ऑरिजनल ओएमआर शीट सहित पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। वहीं, 4 जुलाई को स्कूल प्रिंसिपल को परीक्षा सेंटर से क्लासरूम के सीसीटीवी फुटेज के साथ कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश भी दिए हैं।

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