दिल्ली के स्कूलों में छात्रों को अब आरएसएस और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ाया जाएगा। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बीते मंगलवार को कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों को जल्द ही एक नए शिक्षा कार्यक्रम ‘राष्ट्रनीति’ के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में पढ़ाया जाएगा, जिसमें विनायक दामोदर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पाठ शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, "छात्रों में नागरिक और सामाजिक चेतना पैदा करने तथा मौलिक कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस कार्यक्रम के तहत आरएसएस पर अध्याय जोड़ा जा रहा है।" शैक्षिक कार्यक्रम के अंतर्गत ‘राष्ट्रनीति’ नामक चैप्टर को पहली कक्षा से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों में नागरिक जागरूकता, नैतिक शासन और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
उद्देश्य
एक सूत्र ने बताया कि पाठ्यक्रम के तहत, बच्चों को आरएसएस के गठन और इतिहास, उसकी विचारधारा और प्राकृतिक आपदाओं व स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सहायता प्रदान करने में उसके स्वयंसेवकों की भूमिका के बारे में पढ़ाया जाएगा।
इन पाठों का उद्देश्य संगठन के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करना भी है। सूत्र के अनुसार, पाठ में उल्लिखित योगदान स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भागीदारी के साथ-साथ उसके सामाजिक कार्यों, जैसे रक्तदान अभियान, खाद्य आपूर्ति, केदारनाथ और बिहार बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बचाव प्रयास और कोविड महामारी के दौरान राहत गतिविधियों पर प्रकाश डालेंगे।
इस अध्याय में 1925 में महाराष्ट्र के नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित आरएसएस के इतिहास का भी उल्लेख किया जाएगा। इसमें सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व पर संगठन के फोकस को रेखांकित किया जाएगा और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेताओं का उल्लेख किया जाएगा जो इससे जुड़े रहे हैं।
गुमनाम नायकों के लिए समर्पित होगा एक अलग खंड
सूत्र ने बताया कि एक अलग खंड गुमनाम नायकों के लिए समर्पित होगा। छात्र विनायक दामोदर सावरकर, सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक पुस्तिकाएं पहले ही तैयार कर ली गई हैं और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी पर अभी भी चर्चा की जा रही है, जिसमें यह निर्णय भी शामिल है कि कौन से कक्षा समूह नए अध्यायों का अध्ययन करेंगे। (PTI Input)
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