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शपथग्रहण के दौरान सीएम व मंत्रीगण आखिर क्या पढ़ते हैं, यहां पढ़िए शब्दश: शपथ पत्र

 Published : Dec 13, 2023 12:28 pm IST,  Updated : Dec 13, 2023 12:30 pm IST

आज मध्यप्रदेश के नए सीएम के रूप में मोहन यादव ने शपथ ले ली है। इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि शपथग्रहण के दौरान सीएम व मंत्रीगण आखिर क्या पढ़ते हैं तो आइए जानते हैं यहां...

मध्य प्रदेश के नए सीएम...- India TV Hindi
मध्य प्रदेश के नए सीएम मोहन यादव Image Source : INDIA TV

आज मध्य प्रदेश के सीएम के रूप में मोहन यादव ने शपथ ले ली है। अब छत्तीसगढ़ के सीएम का शपथ ग्रहण समारोह होने वाला है। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में मध्य प्रदेश के सीएम के रूप में मोहन यादव के साथ राजेंद्र शुक्ला ने भी डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले ली है। इस बीच सभी नेता शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने मोहन यादव को शपथ दिलाया। आइए जानते हैं कि पूरा शब्दश: शपथ पत्र में क्या था....

राज्यपाल बोलते हैं पहला शब्द

बता दें कि शपथ दिलाते हुए राज्यपाल पहला शब्द बोलते हैं और फिर सीएम व डिप्टी सीएम और मंत्री पूरी शपथ पढ़ते हैं। आपने देखा व सुना होगा कि वे राज्य की रक्षा के प्रति दो बार शपथ लेते हैं। आइए आज जानते हैं कि कि मोहन यादव ने शपथ के दौरान क्या उच्चारित किया था...

शब्दश: शपथ

राज्यपाल ने सबसे पहले मैं.. कहा फिर मध्य प्रदेश के नए सीएम मोहन यादव ने शपथ पूरी की। मोहन यादव ने शपथ लेते हुए कहा, "मैं डॉ मोहन यादव... ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता को अक्षुण्ण रखूंगा। मैं मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंतःकरण से निर्वाहन करूंगा तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना, सभी प्रकार के लोगों के प्रति संविधान और विधि के अनुसार न्याय करूंगा।"

राज्यपाल ने दोबारा से मैं कहा और फिर मोहन यादव ने कहा, "मैं डॉ. मोहन यादव... ईश्वर की शपथ लेता हूं कि जो विषय मध्य प्रदेश राज्य मुख्यमंत्री के रूप में मेरे विचार के लिए लाया जाएगा अथवा ज्ञात होगा उसे किसी व्यक्ति या  व्यक्तियों को, तब के सिवाय जबकि ऐसे मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के लिए ऐसा करना अपेक्षित हो, मैं प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संसूचित या प्रकट नहीं करूंगा।"

राज्यपाल के पास रहता है सुरक्षित

इसके बाद सीएम व डिप्टी सीएम ने एक संवैधानिक परिपत्र पर साइन किए। बता दें कि यह एक महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट होता है, जो राज्यपाल द्वारा संरक्षित रखा जाता है। ये राज्यपाल के पास हमेशा सुरक्षित रखा रहता है।

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