नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने नरेंद्र मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को ‘पूर्णत: त्रासदी’ करार देते हुए कहा कि भाजपा अगली सरकार नहीं बना सकेगी और संप्रग-3 वास्तविकता का रूप ले सकता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा का ‘ध्रुवीकरण आधारित चुनाव प्रचार’ का देश के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में कोई असर नहीं होगा, हालांकि यह देखना होगा कि उत्तरी और पूर्वी भारत में इसका क्या असर रहता है।
Related Stories
उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा है कि भाजपा फिर सरकार नहीं बना पाएगी। अगली सरकार गैर-भाजपा होगी। सरकार के गठन में मौजूदा संप्रग की बड़ी भूमिका होगी। अगर चुनाव बाद और साथी आते हैं तो मुझे लगता है कि संप्रग-3 के अमल में आने की प्रबल संभावना है।’’ मोदी सरकार के कामकाज के संदर्भ में चिदंबरम ने कहा कि अर्थिक मोर्चे पर यह स्पष्ट है कि आर्थिक प्रगति धीमी हो गई है और बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इकॉनमी की ओर से तैयार डेटा मेरे पास है जिससे साफ पता चलता है कि अप्रैल, 2019 के तीसरे हफ्ते में बेरोजगारी की दर 8.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है।’’ सामाजिक सद्भाव के विषय पर चिदंबरम ने दावा किया कि इस सरकार में देश में खासकर उत्तर भारत में सामाजिक सद्भाव टूट गया और एक समुदाय को दूसरे समुदाय के सामने खड़ा कर दिया गया है।
चिदंबरम ने कहा कि सुरक्षा के मामले पर कहा कि मौजूदा समय में देश पहले के मुकाबले कम सुरक्षित है और हमेशा यह डर बना रहता है कि पाकिस्तान के साथ युद्ध हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार ‘पूर्णत: त्रासदी’ रही है। चिदंबरम ने यह उम्मीद भी जताई कि उनके गृह नगर तमिलनाडु में संप्रग 33 से अधिक सीटें जीतेगा।