नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना अब तक के अपने फिल्मी करियर में अपने सभी किरदारों को बखूबी पर्दे पर उतारते हुए नजर आए हैं। उन्होंने स्पर्म डोनेशन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसे विषयों पर बनी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं से दर्शकों का खूब दिल जीता है। आयुष्मान का कहना है कि लीक से हटकर काम करना और नई भूमिकाओं के साथ प्रयोग करते रहना हमेशा एक अच्छा विचार है, क्योंकि फिल्म उद्योग में कुछ भी सुरक्षित नहीं है और दर्शक हमेशा कुछ नया देखने की चाहत रखते हैं। आयुष्मान ने एक साक्षात्कार में बताया, "लीक से हटकर काम करना अच्छा है। फिल्म उद्योग में कुछ भी सुरक्षित नहीं है और कुछ ऐसा देना जरूरी है जो दर्शकों के लिए कुछ अलग और अनोखा हो, क्योंकि वे हमेशा कुछ नया देखने की चाहत रखते हैं।"
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उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं कि मुझे 'बधाई हो' जैसी पटकथा और ‘श्री राम राघवन’ जैसी थ्रिलर फिल्मों के दिग्गज के साथ काम करने का मौका मिल रहा है। आपको अपने लिए जगह बनानी होगी और अपनी प्रतिभा से प्यार जताओ, तभी आप जीवन में सफल होंगे।" बतौर अभिनेता आयुष्मान अपनी पहली फिल्म 'विकी डोनर' से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कभी ऐसी निराशाजनक स्थति का सामना करना पड़ा है, जब उनके मन में यह सब छोड़ देने का विचार आया हो, तो उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार ऑडिशन, यहां तक कि रियलिटी शो के लिए भी इनकार सुनना पड़ा है, लेकिन कभी भी उन्होंने निराश होकर यह सब छोड़ने का फैसला नहीं किया।
अभिनेता ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए प्रतिभा को निखारते रहना चाहिए। भारतीय फिल्म उद्योग और संगीत उद्योग के लिए यह सबसे बढ़िया समय है, क्योंकि प्रतिभा को जीवन के हर क्षेत्र से बढ़ावा मिल रहा है। आयुष्मान पैराशूट जैस्मिन के 'लव जताओ, शाइन जगाओ' अभियान का हिस्सा हैं। इस अभियान का मकसद लोगों को यह एहसास कराना है कि जब आप किसी चीज पर मेहनत के साथ काम करते हैं और इसके प्रति प्यार जताते हैं, तो यह उभरकर सामने आता है।