1. अक्षय कुमार और निमरत कौर अभिनीत फिल्म 'एयरलिफ्ट' 22 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज की जा चुकी है। इसी के साथ एकता कपूर की फिल्म 'क्या कूल हैं हम-3' भी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अक्षय फिल्म को अभी इससे काफी बेहतर बताया गया है।
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2. ''वजीर'' के सितारे अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के ऐसे पहले सेलिब्रिटी बन गए हैं जिनके लोकप्रिय माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक करोड़ 90 लाख फॉलोअर हैं। अपने प्रतिद्वंद्वियों शाहरुख खान (1.75 करोड़), आमिर खान (1.62 करोड़), सलमान खान (1.58 करोड़) और प्रियंका चोपड़ा (1.25 करोड़) को पीछे छोड़ते हुए 73 वर्षीय अभिनेता ने ट्विटर पर फॉलोअर्स की संख्या में एक नया मुकाम हासिल कर लिया है।
बच्चन का ट्विटर अकाउंट मई 2010 में सक्रिय हुआ था और तब से अभिनेता के लिए यह प्रशंसकों से जुड़ने और उनसे बातचीत करने का एक माध्यम बन गया है। उन्होंने ट्वीट किया, ''ट्विटर पर अपने 1.9 करोड़ प्रशंसकों को रिट्वीट करने की उत्सुकता में 'सत्ते पे सत्ता' का 34 साल भी भुला बैठा।'' ''सत्ते पे सत्ता'' एक एक्शन प्रधान हास्य फिल्म थी जो 1954 में आई हॉलीवुड फिल्म ''सेवन ब्राइड्स फॉर सेवन ब्रदर्स'' से प्रेरित थी। राज एन सिप्पी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा हेमा मालिनी, अमजद खान और सचिन मुख्य भूमिका में थे। अमिताभ ने अब तक 47.5 हजार ट्वीट्स किए हैं।
3. बॉलीवुड के जाने माने निर्देशक करण जौहर ने अपने बचपन से जुड़ा एक कड़वा सच सामन रखा। उन्होंने बताया लड़की जैसा बुलाते थे लोग उन्हें...रात में सो भी नहीं पाते वो।
जयपुर साहित्योत्सव में फिल्मकार करण जौहर ने अपनी जीवनी 'An Unsuitable Boy' का विमोचन किया और अपने जीवन से जुड़े कुछ अहम पहलुओं के बारे में बात की। करण ने कहा कि बचपन में वह कई रात यह सोचकर ठीक से सो नहीं पाते थे कि वह बाकी बच्चों से अलग हैं। 'कुछ कुछ होता है' से फिल्म निर्देशन में उतरे करण ने बताया कि उन्हें बचपन में पैन्सी (लड़की जैसा) कहा जाता था और यह शब्द उन्हें बिल्कुल नहीं अच्छा लगता था। करण ने बताया कि वह बचपन में थोड़ा अलग महसूस करते थे लेकिन उनके माता-पिता उनके लिए बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम साबित हुए।
अपनी मां की बात करते हुए करण ने कहा कि 'जब मैं 150 किलो का था तब मेरी मां कहती थी कि तुम दुनिया के सबसे सुंदर बच्चे हो और मेरे पिता कहते थे कि एक बार मैं थोड़ा सा दुबला हो जाऊं तो मैं हिंदी फिल्मों का हीरो भी बन सकता हूं।' जब करण से फिल्मों में समलैंगिकों के नकारात्मक चित्रण के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि वह पहले ऐसे बॉलीवुड निर्देशक हैं जिसने फिल्मों में इस मुद्दे पर बात करना शुरू किया था।