नई दिल्ली: बॉलिवुड की मशहूर अभिनेत्री साधना का आज निधन हो गया। 74 साल की साधना लंबे वक्त से बीमार चल रही थीं। अपने जमाने में काफी चर्चित साधना ने करीब 35 फिल्में की थी। उन्होंने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत 15 साल की उम्र में वर्ष 1955 में आयी राज कपूर की फिल्म 'श्री420' से की थी। इस फिल्म में उन्होंने कैमियो किया था। इसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में दी। इसमें 'आरजू', 'मेरे मेहबूब', 'लव इन शिमला' और 'वो कौन थी' 'वक्त' शामिल है। इसी साल मई में कैंसर और एड्स पीडितों के सपोर्ट के लिए साधना बॉलीवुड अभिनेता रणवीर कपूर के साथ रैंप पर नजर आयी थीं।
साधना साधारण बीमारियों का सामना करते-करते विवश सी हो गई और अभिनय यात्रा को विराम देना पड़ा। साधना ने हिंदी सिनेमा के साथ ही देश की युवतियों को विशिष्ट केश सज्जा भी दी है। चूड़ीदार सलवार का चलन भी साधना के कारण हुआ। यही नहीं साधना ने कान के बड़े रिंग, गरारा, शरारा तिरछे काजल का फैशन भी चलाया। फिल्म एक मुसाफिर एक हसीना के लोक प्रिय होने के बाद साठ के दशक में कॉलेज की युवतियों ने हंसने के बजाय मुस्कुराना शुरु कर दिया गया था ।
साधना फिल्म इंडस्ट्री की प्रथम फैशन आइकॉन, फस्र्ट यंग एंग्री वीमन (इंतकाम) फस्र्ट पापुलर आयटम सांग परफॉर्मर एक्ट्रेस (मेरा साया) पापुलर डबल रोल एक्ट करने वाली एक्ट्रेस (चार फिल्में) है, इसके अलावा साधना ने रहस्यमय और प्रेम फिल्मों को नई परिभाषा भी प्रदान की, वे राजेश खन्ना के सुपर स्टार बनने के पहले सुपर अदाकारा बन चुकी थीं। उनकी अधिकांश फिल्में सिल्वर जुबली मनाती थी। उन दिनों साधना फिल्म निर्माताओं के लिए सफलता का पैमाना बन गई थी।