नई दिल्ली: साल 2010 में फिल्म गुजारिश के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहीं मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय ने उन तमाम दर्शकों को निराश किया जो उनके दमदार कमबैक के कयास लगा रहे थे। आपको बता दें कि इससे पहले भी कई अभिनेत्रियां जैसे कि करिश्मा कपूर और माधुरी दीक्षित ने भी शादी के बाद वापसी करने की नाकाम कोशिश की थी। हालांकि मणिरत्नम जैसे निर्देशक के साथ काम कर चुकीं ऐश्वर्या से बेहतर एक्टिंग की उम्मीद लगाई गई थी, लेकिन उन्होंने एक कसी हुई स्क्रिप्ट को अपनी लचर एक्टिंग से कमजोर बना दिया।
ऐश्वर्या के कम बैक में नहीं दिखा ‘जज्बा’
अपनी बेटी के लिए आरोपी का केस लड़ने को तैयार एक वकील, मरी हुई बेटी के कातिल को अपने हाथों मारने को आमदा एक मां और दोस्त के लिए एक जटिल केस को परत दर परत खोलता एक सस्पेंडेड पुलिस ऑफिसर। ये तीनों किरदार अलग अलग हिस्सों में पूरी फिल्म को बांधे रखते हैं। इंटरवल के पहले तक फिल्म सिर्फ ऐश्वर्या के सहारे रहती है जिसमें वो इंसाफ करने की भरसक कोशिश करती हैं, मगर बात कुछ बन नहीं पाती। पूरी खबर के लिए इसे पढ़ें----ऐश्वर्या का जज्बा
जज्बा फिल्म रिव्यू
संजय गुप्ता कमर्शियल सिनेमा के उन निर्देशकों में से एक हैं जो गंभीर एक्शन फिल्मों में तकनीक और स्टाइल पर फिल्म की कहानी से ज्यादा ध्यान देते है हालांकि आखिर में उसका जरूरी प्रभाव दर्शकों तक पहुंच ही जाता है। इस बार संजय गुप्ता की फिल्म जज्बा में खास बात ये है कि इसकी कहानी मजबूत है वहीं तकनीक और निर्देशक का सिगनेचर स्टाइल उसमें सहायक भूमिका निभाते हैं। पूरी खबर के लिए पढ़ें पूरा रिव्यू- फिल्म रिव्यू
जज्बा Spoof: न चाहते हुए भी ऐश ने सिखाई तीन चीजें-
फिल्म अंत में दर्शकों को संतुष्ट करती है कि नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन अंत में आप ऐशवर्या से कई सारी बातें सीख कर ही सिनेमाघरों से निकलेंगे। आम स्थितियों में कैसे अपनी आंखों को कैसे गुस्से से लाल रखना है और और औवरएक्टिंग कैसे करते हैं जैसी कुछ बातों से आप परिचित होते हैं। पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें।