पटना: अगर हमें ये पता चल जाए अब हमारी जिंदगी के कुछ दिन और बाकी रह गए हैं, ऐसी स्थिति में हमारी क्या प्रतिक्रिया होगी? उन बाकी के दिनों को हम किस तरह जीना चाहेंगे? कुछ इन्हीं अहसासों को महसूस कराती है शॉर्ट फिल्म 'नाइन'। अकादमी ऑफ फ़िल्म एंड टेलीविज़न द्वारा निर्मित इस फिल्म का प्रदर्शन पटना में किया गया।
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मुख्य रूप से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सवों में प्रदर्शन के लिए निर्मित पूरी तरह बिहार के कलाकारों, निर्देशक एवं तकनीशियन द्वारा बिहार के लोकेशन्स पर बनी 25 मिनट की इस फ़िल्म में दो फेस मॉडेल की कहानी है। खास बात यह है कि यह एक आंगिक अभिनय वाली फिल्म है जहां डायलॉग है ही नहीं।
मौत के कड़वे सच को सर आंखों पर रखते हुए अगर कोई जीवन के आखिरी क्षणों को जीता है तो उससे ज्यादा प्रेरक चरित्र कोई हो नहीं सकता। दो फेस मॉडेल जिसमे महिला साथी ब्लड कैंसर का शिकार है। उसके पास चंद दिन ही बचे है, उसकी 9 ख्वाइश है जिसे पूरा करने के लिए उसका साथी उसका साथ देता है, पर दुर्भाग्यवश उसकी एक इच्छा अधूरी ही रह जाती है। यह फिल्म मूलतः पंच तत्व पर आधारित है।
फ़िल्म में दोनों किरदारों को अभिनेता विक्रांत चौहान एवं अभिनेत्री हिमानी शर्मा ने जीवंत कर दिया है। फिल्म का निर्देशन रुचिन वीणा चैनपुरी ने किया है, सिनेमैटोग्राफी एवं एडिटिंग ऐजाज़ हुसैन का है, संगीत दिया है युवा संगीतकार की तिकड़ी डी, जैज़, काश ने। मेकअप स्टाइलिंग शांति प्रिया, अनुष्का कान्त, पब्लिसिटी डिजाईन तथा सहायक निर्देशक निखिल विद्यार्थी तथा फ़िल्म की निर्मात्री हैं शालिनी वर्मा।
इस अवसर पर फ़िल्म की निर्मात्री शालिनी वर्मा ने कहा कि अब बिहार में भी फ़िल्म निर्माण बहुत आसान हो गया है। अगर कहानी अच्छी हो और कुशल तकनीकी टीम हो तो कम बजट में भी अच्छी फ़िल्म बनाई जा सकती है। इस मौके पर पटना रंगमंच के वरिष्ठ कलाकारों के अलावे सिने प्रेमी तथा कई कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र मौजूद थे।