नई दिल्ली: विनोद खन्ना कल पंचतत्व में विलीन हो गए। कैंसर की वजह से कल उनका मुंबई के हरकिशन अस्पताल में निधन हो गया। विनोद खन्ना का जन्म पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था, जो उस वक्त भारत का हिस्सा था। पार्टीशन के बाद विनोद का परिवार मुंबई आकर बस गया था।
शुक्रवार को पेशावर में अभिनेता विनोद खन्ना को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनके सम्मान में वहां की कल्चरल हैरिटेज काउंसिल एक समारोह का आयोजन भी करेगी।
विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 को पेशावर के छावनी क्षेत्र के सरदार इलाके में हुआ था। विनोद के पिता किशनचंद खन्ना वहां बड़े कारोबारी थे।
विनोद खन्ना की दो शादियां हुईं, पहली शादी 1971 में गीतांजलि से हुई थी। गीतांजलि से दो बेटे राहुल खन्ना और अक्षय खन्ना हैं। ओशो के अनुनायी बनने के बाद परिवार से दूरी बन गई और उनकी पहली शादी टूट गई, फिर उन्होंने 1990 में कविता से शादी की, दूसरी शादी से उनके एक बेटा साक्षी और एक बेटी श्रद्धा हैं। उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत वर्ष 1968 में आई फिल्म 'मन का मीत' से की थी, जिसमें वह नकारात्मक भूमिका में दिखे थे। कई फिल्मों में उल्लेखनीय सहायक और खलनायक का किरदार निभाने के बाद 1971 में उनकी पहली एकल हीरो वाली फिल्म 'हम तुम और वो आई'। विनोद खन्ना का अंतिम संस्कार वर्ली में, बड़ी तादाद में जुटे लोग
करियर की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद विनोद खन्ना ने अचानक 1982 में फिल्मों से संन्यास ले लिया और भगवान रजनीश के अनुनायी बन गए और 5 वर्ष तक पुणे में रहे। उन्होंने 1987 में बॉलीवुड में वापसी की और इसके बाद वह राजनीति में शामिल हुए। उन्होंने अपनी दूसरी फिल्मी पारी भी सफलतापूर्वक खेली और हाल तक फिल्मों में सक्रिय रहे। वह आखिरी बार 2015 में शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले' में नजर आए थे। विजया राजे सिंधिया पर बनी उनकी आखिरी फिल्म 'एक थी रानी ऐसी भी' छह दिन पहले ही रिलीज हुई है। इस फिल्म में वह हेमा मालिनी के साथ दिखाई दे रहे हैं।