नई दिल्ली: नशे की लत और उसके कारण व्यवहार में आए परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी रेसिडेंट चिकित्सकों को देने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विग्यान संस्थान (AIIMS) के ड्रग निर्भरता उपचार केंद्र (एनडीडीटीसी) के अधिकारियों ने परिसर में फिल्म उड़ता पंजाब का प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
यहां के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, समाज में नशे की तेजी से फैलती लत और उसके कारण बदतर होती स्थितियों को फिल्म में दिखाया गया है। इसमें नशे के सेवन, उससे होने वाली विषाक्तता और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का चित्रण भी किया गया है।
उन्होंने आगे बताया, फिल्म में बताया गया है कि नशे की लत आपराधिक गतिविधियों और आपराधिक तत्वों तथा दवा उद्योग के बीच आपराधिक गठजोड़ के लिए उकसाती है। इसमें यह भी बताया गया है कि ये नशीली दवाएं इतनी ज्यादा शक्तिशाली होती हैं कि किसी को जबरदस्ती इनका इंजेक्शन भी लगा दिया जाए तो भी व्यक्ति को इनकी लत लग जाती हैैै। फिल्म में आलिया भट्ट के साथ ऐसा ही होता है।
चिकित्सक ने बताया कि फिल्म दिखाने का उद्देश्य रेसिडेंट चिकित्सकों को ड्रग के इस्तेमाल के सभी पहलुओं से परिचित करवाना था जिससे कि मरीज का इलाज करने में उन्हें यह अनुभव काम आ सके।हाल ही में यह फैसला
लिया गया था कि समाज कल्याण और सशक्तिकरण मंत्रालय के साथ मिलकर एम्स राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नशे के शिकार लोगों के आंकड़े जुटाने के लिए सर्वेक्षण करेगा।
दो साल तक चलने वाला यह सर्वेक्षण नशे के शिकार लोगों के लिए मौजूदा सेवाओं और उन्हें लोगों तक पहुंचाने के बीच जो कमियां हैं उनकी पहचान करेगा। 2001 में इसी किस्म का सर्वे किया गया था जिसके आंकड़े 2004 में सामने आए थे।