हिंदी सिनेमा के सबसे प्रसिद्ध परिवार की बात हो और देओल फैमिली का नाम भूल जाए। ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। फिल्म इंडस्ट्री में कपूर और खान परिवार के अलावा एक देओल परिवार ही, जिसने कई स्टार दिए। आज हम उसी सुपरस्टार की बात कर रहे हैं, जिसने एक वक्त बैक टू बैक कई हिट फिल्में दी। लेकिन, एक वक्त ऐसा आया जब उनका स्टारडम खत्म होने की कगार पर था। हालांकि, 2023 में उन्होंने अपनी सुपरहिट फिल्म 'गदर' के सीक्वल से कमबैक कर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और कई फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ साबित कर दिया कि वो आज भी अपने दम पर हिट फिल्में दे सकते हैं। हम बात कर रहे हैं 19 अक्टूबर 1965 को धर्मेंद्र और प्रकाश कौर के घर जन्मे सनी देओल की।
सनी देओल को इस फिल्म से मिला था खोया हुआ स्टारडम
सनी देओल ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं, लेकिन उनकी किस्मत 'गदर' के तारा सिंह से चमकी। 2023 में इसी फिल्म के सीक्वल 'गदर 2' से उन्होंने अपना खोया हुआ स्टारडम फिर से हासलि किया। जबरदस्त एक्शन सीन और भारी-भरकम डायलॉग्स के लिए पहचाने जाने वाले सनी फिलहाल नेता और अभिनेता दोनों की भूमिका निभा रहे हैं। सनी की फिल्में देखने का 90 के दशक में लोगों के बीच ऐसा क्रेज था कि उस वक्त सिनेमाघर दर्शकों से खचाखच भरे रहते थे। लगभग 100 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके सनी बचपन से ही अपने पिता सुपरस्टार धर्मेंद्र के जैसे एक एक्टर बनना चाहते थे और उनके पापा भी यही चाहते थे।
सनी देओल के हिट डायलॉग
बॉबी देओल और ईशा-अहाना के बड़े भाई सनी देओल न सिर्फ अपनी फिल्मों की वजह से चर्चा में रहते हैं, बल्कि डायलॉग्स की वजह से भी पहचाने जाते हैं। सुपरस्टार के घर जन्में सनी ने अपने दम पर दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी। 1983 में रिलीज हुई फिल्म 'बेताब' से सनी ने डेब्यू किया, जिसके लिए उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर के बेस्ट एक्टर के लिए नॉमिनेट भी किया गया। इसके बाद सनी देओल की 'अर्जुन', 'चालबाज', 'पाप की दुनिया' और 'घायल' जैसी फिल्में रिलीज हुईं। 1993 में रिलीज हुई फिल्म 'डर' में सनी हीरो के रोल में कास्ट किए गए थे और शाहरुख खान विलेन के रोल में। हालांकि, उनकी हिट फिल्मों के अलावा लोगों को उनके डायलॉग भी याद हैं।
सनी देओल की फिल्मों के हिट डायलॉग्स की लिस्ट-
- चिल्लाओ मत, नहीं तो ये केस यहीं रफा-दफा कर दूंगा... न तारीख न सुनवाई, सीधा इंसाफ... वो भी ताबड़तोड़
- तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख मिलती रही है लेकिन इंसाफ नहीं मिला माई लॉर्ड, इंसाफ नहीं मिला, मिली है तो सिर्फ ये तारीख
- यह ढाई किलो का हाथ जब किसी पर पड़ता है तो आदमी उठता नहीं है उठ जाता है
- ये मजदूर का हाथ है कात्या, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है! ये ताकत खून-पसीने से कमाई हुई रोटी की है।
- सरकार करने के लिए नहीं, खत्म करने के लिए आता हूं।
- मेरी तलवार हमेशा मेरे देश की सेवा में रहती है।
- अगर मेरी हिम्मत पर शक है, तो आज साबित कर दूं?
- ये देश का स्वर्णिम इतिहास है, इसे मिटने नहीं दूंगा।
- मेरा काम है लड़ना, मेरा फर्ज है जीतना।
- दुश्मन को नहीं, उसके इरादों को मारो।
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