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फैमिली लव के पीछे छुपा राज! प्यार, परिवार और रहस्य का संगम है 'मिस्टर एंड मिसेज परशुराम'

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Feb 07, 2026 11:52 pm IST,  Updated : Feb 09, 2026 01:35 pm IST

प्यार, परिवार और रहस्य का अनोखा मेल पेश करता स्टार प्लस का नया शो मिस्टर एंड मिसेज परशुराम, जहां दिल छू लेने वाले फैमिली मोमेंट्स, दमदार परफॉर्मेंस और धीरे-धीरे खुलता सस्पेंस दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए एक ताजा और यादगार टीवी अनुभव देता है।

Mr and mrs parshuram
मिस्टर एंड मिसेज परशुराम। Photo: JIO HOTSTAR
  • फिल्म रिव्यू: मिस्टर एंड मिसेज परशुराम
  • स्टार रेटिंग 4/5
  • पर्दे पर: 3 फरवरी 2026
  • डायरेक्टर: -
  • शैली: फैमिली सस्पेंस ड्रामा

स्टार प्लस का नया शो ‘मिस्टर एंड मिसेज़ परशुराम’ टीवी की दुनिया में एक ताज़ा और दिल को छू लेने वाली पेशकश के रूप में उभरकर सामने आया है। यह शो पारंपरिक फ़ैमिली ड्रामा की भावनात्मक गर्मजोशी को रहस्य और सस्पेंस की परतों के साथ जोड़ता है, जिससे इसकी कहानी न सिर्फ़ रिलेटेबल बनती है बल्कि दर्शकों को लगातार बांधे भी रखती है। शुरुआती एपिसोड्स से ही शो को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जो इसे स्टार प्लस की सफल और यादगार कहानियों की विरासत में एक मजबूत जोड़ बनाती है।

साधारण परिवार की अनोखी कहानी

‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ की कहानी एक आम से दिखने वाले परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां प्यार, भरोसा, छोटे-छोटे झगड़े और रोजमर्रा की खुशियां मौजूद हैं। लेकिन इसी साधारण से फ्रेम के भीतर एक असाधारण ट्विस्ट छुपा है, जो शो को अलग पहचान देता है। यही संतुलन, साधारण पारिवारिक भावनाओं और गहरे रहस्य के बीच इस सीरियल की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है।

शुरुआती एपिसोड्स से मिला शानदार रिस्पॉन्स

शो की शुरुआत ने ही दर्शकों को यह एहसास दिला दिया था कि यह कहानी सिर्फ ड्रामा तक सीमित नहीं रहेगी। शुरुआती रिस्पॉन्स में दर्शकों ने खास तौर पर इसके दिल को छू लेने वाले फैमिली मोमेंट्स की तारीफ की है। पति-पत्नी और बच्चों के बीच के रिश्तों को जिस सादगी और सच्चाई के साथ दिखाया गया है, वह आज के समय में बेहद रिफ्रेशिंग लगता है। दर्शकों ने यह भी सराहा है कि शो भावनाओं को जरूरत से ज़्यादा ओवरड्रामैटिक बनाए बिना, नेचुरल और सहज तरीके से पेश करता है।

लीड जोड़ी की नेचुरल केमिस्ट्री

नील भट्ट और शांभवी सिंह की लीड जोड़ी इस शो की जान है। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इतनी स्वाभाविक है कि उनके सीन बनावटी नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी के रिश्तों जैसे लगते हैं। हल्की-फुल्की नोकझोंक, मुस्कुराहटों से भरी बातचीत और भावनात्मक पलों में उनका बॉन्ड दर्शकों को उनसे जोड़ देता है। कई रिव्यूज़ में इस बात को खास तौर पर हाइलाइट किया गया है कि लंबे समय बाद टीवी स्क्रीन पर एक ऐसी जोड़ी देखने को मिली है, जो बिना ज़ोर लगाए दिल जीत लेती है।

नील भट्ट का प्रभावशाली डुअल रोल

नील भट्ट का परफॉर्मेंस इस शो का सबसे मज़बूत स्तंभ माना जा रहा है। वह शिवप्रसाद के किरदार में नजर आते हैं, एक सीधे-सादे, जिम्मेदार पति और प्यार करने वाले पिता के रूप में। लेकिन कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, शिवप्रसाद का एक और चेहरा सामने आता है, जो रहस्य से भरा हुआ है। नील भट्ट ने इस दोहरेपन को बेहद संतुलित तरीके से निभाया है। एक तरफ वह अपने परिवार के साथ भावनात्मक गर्मजोशी दिखाते हैं, तो दूसरी तरफ़ उनकी आंखों और बॉडी लैंग्वेज में छुपी हुई गंभीरता दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। क्रिटिक्स ने उनके इस ट्रांजिशन को बेहद प्रभावशाली बताया है, जो किरदार को गहराई और विश्वसनीयता देता है।

शांभवी सिंह की सादगी और इमोशनल कनेक्ट

शांभवी सिंह, जो शालिनी का किरदार निभा रही हैं, ने अपनी सादगी और इमोशनल कनेक्ट से दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनका किरदार एक ऐसी पत्नी और मां का है, जो अपने परिवार को जोड़कर रखने की कोशिश करती है। शांभवी की परफॉर्मेंस में बनावट नहीं, बल्कि एक सहज सच्चाई नज़र आती है। रिव्यूज़ में यह भी कहा गया है कि शालिनी का किरदार शो में एक इमोशनल एंकर की तरह काम करता है, जो कहानी को संतुलन में रखता है और दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़े रखता है।

बच्चों और माता-पिता के रिश्तों की गर्माहट

शो का एक और मजबूत पहलू बच्चों और माता-पिता के बीच का रिश्ता है। हाल के एपिसोड्स में साथ खाना खाने, छोटी-छोटी शरारतों और पारिवारिक बातचीत जैसे सीन ने दर्शकों के साथ गहरा कनेक्शन बनाया है। ये पल यह एहसास दिलाते हैं कि कहानी कितनी भी रहस्यमयी क्यों न हो, इसका दिल एक परिवार की भावनाओं में बसता है।

रहस्य और सस्पेंस की गहराई

‘मिस्टर एंड मिसेज परशुराम’ का सस्पेंस एलिमेंट इसे और भी दिलचस्प बनाता है। शिवप्रसाद की सीक्रेट ज़िंदगी के इर्द-गिर्द बुना गया रहस्य धीरे-धीरे सामने आता है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता बनी रहती है। सबसे खास बात यह है कि यह सस्पेंस कहानी के इमोशनल कोर पर हावी नहीं होता, बल्कि उसे और गहराई देता है। दर्शक यह जानने के लिए बेचैन रहते हैं कि शिवप्रसाद कब तक अपनी सच्चाई छुपा पाएगा और जब यह राज खुलेगा तो उसके परिवार पर इसका क्या असर पड़ेगा।

स्टार प्लस की मजबूत स्टोरीटेलिंग विरासत

स्टार प्लस का सपोर्ट और चैनल की कहानी कहने की मजबूत परंपरा इस शो में साफ़ झलकती है। नए कॉन्सेप्ट, सोच-समझकर आगे बढ़ाई गई कहानी और मजबूत किरदारों के जरिए यह शो धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से अपनी जगह बना रहा है। पॉजिटिव वर्ड-ऑफ-माउथ और दर्शकों की लगातार बढ़ती दिलचस्पी इस बात का संकेत है कि ‘मिस्टर एंड मिसेज़ परशुराम’ लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकता है।

प्यार, इमोशन और सस्पेंस का खूबसूरत मेल

कुल मिलाकर ‘मिस्टर एंड मिसेज़ परशुराम’ एक ऐसा शो है जो प्यार, परिवार, इमोशन और सस्पेंस का खूबसूरत मेल पेश करता है। दमदार परफॉर्मेंस, नेचुरल केमिस्ट्री और सोच-समझकर बुनी गई कहानी इसे रोजमर्रा के टीवी ड्रामाज से अलग बनाती है। अगर आप एक ऐसा शो ढूंढ रहे हैं जो दिल को छुए भी और दिमाग को उलझाए भी, तो यह सीरियल ज़रूर देखने लायक है। स्टार प्लस पर हर दिन रात 8:30 बजे ‘मिस्टर एंड मिसेज़ परशुराम’ देखना न भूलें।

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