सर्वाइवल थ्रिलर एक ऐसा जॉनर है, जिस पर हिंदी सिनेमा में बहुत कम फिल्में बनाई जाती है। ऐसे मे दर्शक इसे बड़े पर्दे पर देखने के लिए हमेशा काफी उत्सुक रहते हैं। बीजॉय नांबियार की फिल्म 'तू या मैं' अपने दिलचस्प अनाउंसमेंट के बाद से ही लोगों का ध्यान खींच रही है। ट्रेलर और गानों ने उत्साह को और बढ़ा दिया था, जिससे फिल्म ने रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा बटोरी है। बीजॉय एक ऐसे फिल्ममेकर हैं जो इंटेंस इमोशन और सीक्वेंस को दिखाना बहुत अच्छे से जानते हैं। 'तू या मैं' रोमांस, इन्फ्लुएंसर कल्चर और सर्वाइवल थ्रिलर को एक हाई-स्टेक्स एडवेंचर में मिलाने की कोशिश करता है। क्या यह सर्वाइवल थ्रिलर आपका थिएटर में मनोरंजन करने में सफल रहेगी? जानने के लिए आगे पढ़ें...
कहानी
दो बिल्कुल अलग बैकग्राउंड के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एक साथ मिलकर काम करते हैं, लेकिन उन्हें प्यार हो जाता है और उनकी जिंदगी में एक अचानक हैरान करने वाला मोड़ आ जाता है। कहानी अवनी शाह (शनाया कपूर) और मारुति कदम (आदर्श गौरव) पर आधारित है। दोनों सोशल मीडिया की दुनिया में उभरते हुए नाम हैं। अवनी, जिसे ऑनलाइन मिस वैनिटी के नाम से जाना जाता है। वह अमीर परिवार से हैं। उसके लाखों फॉलोअर्स हैं और उनके पीछे एक प्रोफेशनल टीम है। मारुति, जिसे आला फ्लोपारा के नाम से भी जाना जाता है। वह नालासोपारा का एक रैपर और कंटेंट क्रिएटर होता है, जो अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत करता हैं। वे एक म्यूजिक इवेंट में मिलते हैं, जहां मारुति को एक मौका मिलता है और वह साथ काम करने का सुझाव देता है। बार-बार की मुलाकातें प्यार में बदल जाती हैं और जल्द ही उन्हें प्यार हो जाता है। अवनी, मारुति के परिवार के करीब आ जाती है और अपनी दुनिया से बहुत अलग दुनिया में कदम रखती है। परेशानी तब शुरू होती है, जब उनके परिवार में तनाव पैदा होता है और वे अपने करियर को प्राथमिकता देने का फैसला करते हैं। स्थिति को आसान बनाने की उम्मीद में उनका परिवार कपल को गोवा भेज देता है। वहां, उनकी जिंदगी अचानक बदल जाती हैं जब दोनों खुद को एक खाली, गहरे स्विमिंग पूल में फंसा हुआ पाते हैं, जिसमें एक मगरमच्छ है और बचने का कोई रास्ता नहीं है। क्या अवनी और मारुति इस मुश्किल हालात में टिक पाएंगे? जीत किसकी होगी मगरमच्छ या मोहब्बत?
तू या मैं के एक्टर्स की परफॉर्मेंस
नालासोपारा के रैपर और कंटेंट क्रिएटर के तौर पर आदर्श गौरव ने कमाल कर दिया है। वह कैरेक्टर में पूरी तरह से घुस गए हैं और एक सेकंड के लिए भी एक्टर ने लोकल मुंबईकर टपोरी स्टाइल एक्सेंट नहीं छोड़ा।
शनाया कपूर ने अपनी एक्टिंग से इम्प्रेस किया है। वह रोल में फिट बैठती हैं और उन्होंने शानदार परफॉर्म दी। एक्ट्रेस इमोशनल सीन में फिट लगी और जब वह कहती हैं, 'तू येड़ी हो गई है क्या बच्ची?' उस वक्त उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला।
क्षिति जोग, अंश विकास चोपड़ा, अमृता श्रीनिवासन, पारुल गुलाटी, रजत कौल और श्रीकांत मोहन यादव जैसे दूसरे सपोर्टिंग एक्टर्स अपने-अपने रोल में दमदार काम करते दिखाई दिए। हालांकि, पार्वती थिरुवोथु का फिल्म में बड़ा रोल होना चाहिए था।
तू या मैं म्यूजिक
ऐसी थ्रिलर में बैकग्राउंड म्यूजिक एक अहम रोल निभाता है और प्रतीक राजगोपाल ने बहुत अच्छा काम किया है। बैकग्राउंड स्कोर पूरी फिल्म देखने के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है। साथ ही आंखें चार का रीक्रिएटेड वर्शन भी इम्प्रेस करता है। हर मोमेंटम को आंखें चार, फेम हमें, जी लिया और पुराना ट्रैक जो बार-बार सिचुएशन को अच्छे से पेश करता है। 'तुम ही हमारी हो मंजिल माय लव' को सिचुएशन के अनुसार पेश किया गया है।
सिनेमैटोग्राफी में दिखा दम
रेमी दलाई की सिनेमैटोग्राफी बहुत शानदार है और एनिमेट्रॉनिक्स टीम का खास जिक्र करना बनता है, क्योंकि उनके बनाए मगरमच्छ बहुत असली लग रहे थे।
कहां हुई चूक
फिल्म में कई रोमांचक पल और कुछ दमदार परफॉर्मेंस हैं। हालांकि, कहानी धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और जरूरत से ज्यादा लंबी लगती है। टेंशन आपको कभी-कभी बांधे रखती है, लेकिन इसकी रफ्तार सफर को थका देने वाली बना देती है। यह रोमांचक है, लेकिन यह आपके सब्र का टेस्ट लेती है। कहानी में सस्पेंस बनाए रखने के लिए अत को लंबा खीचा गया है, जो बोर करता है। फिल्म का पहला हाफ बेसिक कहानी बताता है, जैसे अवनी और मारुति कैसे मिलते हैं। उनका कंटेंट क्रिएशन, फैमिली बैकग्राउंड, उनकी लव स्टोरी और भी बहुत कुछ। पहला हाफ एंटरटेनिंग है और आपको बोर नहीं करता। दूसरे हाफ में फिल्म थ्रिलिंग रास्ते पर चलती है। कई सीन आपको सीट से बांधे रखेंगे और आपको डर महसूस होगा। फिल्म हाई-स्टेक सिचुएशन को पहले हुए इमोशनल बिल्ड-अप से जोड़ने में स्ट्रगल करती है। आखिर तक कहानी के कई धागे अनसुलझे रह जाते हैं, जिससे अधूरापन महसूस होता है।
क्या लगा अच्छा
'तू या मैं' टेंशन और क्लॉस्ट्रोफोबिया वाले पल बनाने में कामयाब रही। खासकर सर्वाइवल सीक्वेंस के दौरान इन्फ्लुएंसर रोमांस और असली जंगल के खतरे के बीच का अंतर कहानी को दिलचस्प बनाए रखता है। कुछ जंप-स्केयर मोमेंट्स अच्छे से दिखाए हैं, जिससे दूसरे हाफ में सस्पेंस बना रहता है।
तू या मैं देखे या नहीं?
कुल मिलाकर तू या मैं एक सर्वाइवल थ्रिलर ड्रामा है, जिसमें कई रोमांचक पल हैं। परफॉर्मेंस बहुत अच्छी हैं, म्यूजिक शानदार है और अगर आपने द पूल देखी है तो भी यह फिल्म आपको बिल्कुल अलग एक्सपीरियंस देगी। असल में यह ओरिजिनल से थोड़ी अलग है और आपको यह फिल्म एक बार जरूर देखनी चाहिए। ऐसे में शनाया कपूर और आदर्श गौरव स्टारर 'तू या मैं' 3 स्टार की हकदार है।