फिल्म 'मां बहन' नेटफ्लिक्स पर ट्रेंड कर रही है, जो अपने टाइटल को लेकर चर्चा में है। डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सुरेश त्रिवेणी की बनाई यह मजेदार कहानी क्रिटिक्स और ओटीटी दर्शकों को बहुत पसंद आ रही है। माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और धरना दुर्गा ने इस फैमिली ड्रामा में देसी तौर-तरीके से अपने किरदार को पेश किया हैं, जो सुर्खियां बटोर रहा है। इसी बीच 'मां बहन' की इन तीनों बेहतरीन एक्ट्रेस ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में अपने किरदार और इसका हिस्सा क्यों बने इस बारे में खुलकर बात की है। माधुरी ने कहा कि उनके रोल को सही ढंग से दिखाना बहुत जरूरी था और भाषा की इन बारीकियों ने उनकी एक्टिंग में गहराई ला दी। वहीं, तृप्ति इस फिल्म का हिस्सा किरदार की कहानी की वजह से बनी। सबसे कमाल की बात तो यह है कि धरना दुर्गा ने डायरेक्टर सुरेश त्रिवेणी के साथ काम करने के लिए 'मां बहन' के लिए 'हां' कहा था।
माधुरी दीक्षित ने 'मां बहन' के किरदार रेखा पर क्या कहा?
फिल्म में अपने देसी लहजे के बारे में बात करते हुए माधुरी दीक्षित ने कहा:
'हमें (धरना, तृप्ति और माधुरी) इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। हमने कुछ वर्कशॉप कीं और बहुत सारे गाने गाए। हर दिन हम उसके बाद समोसे खाते थे, लेकिन हमने इस पर काम किया। डायरेक्टर सुरेश का एक ही निर्देश था कि अगर हम एक शब्द भी अलग बोल दें तो वे हमें रोकेंगे-टोकेंगे नहीं, क्योंकि उन्हें भाषा की इज्जत करना आता है तो हमने इसी बात का ध्यान रखा और हमने किसी एक तरह के लहजे पर बहुत ज्यादा जोर नहीं दिया।'
अपने किरदार रेखा के बारे में एक उदाहरण देते हुए, एक्ट्रेस ने कहा:
'मैं आपको एक उदाहरण देती हूं। गर्मी लगती है मुझे... नहीं 'गर्मी लगता हमको।' 'हमको' एक ज्यादा भरा-पूरा शब्द है तो उस दुनिया और भाषा की यही खूबसूरती है। इसलिए हमने बस उसी को बोलने की कोशिश की।' उन्होंने आगे कहा आजकल मेरी अंग्रेजी के बीच में भी 'हमरा' शब्द आ जाता है।'
तृप्ति डिमरी ने क्यों निभाया जया का किरदार?
'मां बहन' में अपने रोल के बारे में बात करते हुए तृप्ति ने कहा:
'मैंने असल में सुरेश सर और हमारी राइटर पूजा से कहानी सुनी थी। उस वक्त मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं पूरी फिल्म देख रही हूं। वे कहानी सुनाने में इतने अच्छे हैं क्योंकि वे हर सीन को एक्ट करके दिखाते हैं और फिल्म के हर किरदार में पूरी तरह ढल जाते हैं। वे बहुत अच्छे एक्टर हैं। मुझे यह कहानी बहुत शानदार लगी और जाहिर है जया का किरदार निभाना बहुत आजादी देने वाला अनुभव था। सुरेश सर ने मुझे इसके लिए बस एक हिंट दिया था। बस बेफिक्र रहो और अपनी सारी झिझक को बाहर छोड़ दो फिर साथ में मजा आएगा, जब आपको ऐसा कहा जाता है तो एक एक्टर के तौर पर आप बिल्कुल आजाद महसूस करते हैं।'
धरना दुर्गा क्यों बनी 'मां बहन' का हिस्सा?
'मां बहन' में धरना दुर्गा ने सुषमा का किरदार निभाया है। उन्होंने बताया कि कैसे वह इस फिल्म का हिस्सा बनी। एक्ट्रेस ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में कहा:
'जब सर ने मुझे फोन करके बताया कि हमें मिलकर बात करनी है तो मैं बहुत खुश हुई। शुक्र है कि उस समय मैं मुंबई में ही थी। सर ने फोन करके कहा कि मेरा नाम सुरेश है। हम एक फिल्म बना रहे हैं। यह एक मां और बहन की कहानी है। मैं अभी ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा, बस साथ बैठकर बात करते हैं। मैं बहुत खुश थी। फिर, जब मैं उनसे मिलने गई और उन्होंने जो बात बताई। उसे सुनकर मैं हैरान रह गई... मुझे बहुत ज्यादा खुशी थी। वापसी की फ्लाइट में मैं उस एहसास में इतनी खोई हुई थी कि मुझे पता ही नहीं चला कि मैं कब फ्लाइट में चढ़ी, कब हम उतरे या कब मैं दिल्ली पहुंची। मुझे समय का बिल्कुल भी पता नहीं चला। उस पल के बाद मैं पूरी तरह से हैरान और दंग रह गई थी। मुझे बहुत खुशी है कि मैं इसका हिस्सा बनी।'
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