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Explainer: भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राइफलमैन हिलाल की मौत का बदला कैसे लिया?

 Reported By: Manish Prasad Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Nov 03, 2024 12:26 pm IST,  Updated : Nov 03, 2024 12:26 pm IST

आतंकियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है और उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। 2 नवंबर 2024 को अनंतनाग में 2 आतंकियों को मार गिराया गया है।

Explainer- India TV Hindi
बरामद हुए हथियार और आतंकियों की हुई पहचान Image Source : INDIA TV

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, फिर भी आतंकी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। हालांकि भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस बल मिलकर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते रहते हैं। ताजा मामला 2 नवंबर 2024 को अनंतनाग का है। यहां भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में लारनू इलाके में 2 PAFF आतंकियों को मार गिराया। 

8 अक्टूबर 2024 को शेखपोरा, शांगस में पीएएफएफ आतंकवादियों के हमले में प्रादेशिक सेना के राइफलमैन हिलाल शहीद हो गए थे। इस दौरान हमलावर आतंकी अनंतनाग के लारनू-वेरीनाग से भागने में सफल रहे थे और उन्हें कुलगाम के कुंड-लाइसू गुद्दर तक ट्रैक किया गया। हालांकि, सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की गतिविधियों का अनुमान लगाने के लिए HUMINT (Human Intelligence) और TECHINT (Technical Intelligence) का लाभ उठाते हुए, आतंकी समूह का लगातार पीछा किया था।

आतंकियों पर सुरक्षाबलों की थी पैनी नजर

आतंकियों की हरकतों पर नजर बनाए रखते हुए सुरक्षाबलों ने 27 अक्टूबर को गुद्दर इलाके में एक सामरिक अभियान चलाया। इस कार्रवाई ने आतंकियों पर प्रेशर डाला, जिससे उन्हें कुलगाम से वापस अनंतनाग भागना पड़ा। इसके बाद 30 अक्टूबर को, पुष्ट खुफिया जानकारी से संकेत मिला कि समूह कुलगाम से गुलाब बाग के रास्ते अनंतनाग की ओर बढ़ रहा था। 1 नवंबर को HUMINT ने लारनू में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि की, TECHINT द्वारा एक रिपोर्ट की पुष्टि की गई।

मारे गए 2 आतंकी, पहचान भी हुई

2 नवंबर को सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया और दोनों तरफ से फायरिंग हुई। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इस कार्रवाई में 2 आतंकी मारे गए। इन आतंकियों की पहचान भी हो गई है।

  1. अरबाज अहमद मीर: क्विमोह का एक कट्टर A++ श्रेणी का आतंकवादी, जो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबद्ध है। वह 1 अप्रैल 2018 से सक्रिय था, जिसमें सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ हमले करने का रिकॉर्ड था।
  2. जाहिद अहमद रेशी: हसनपुर तबेला, अनंतनाग का एक A श्रेणी का लश्कर आतंकवादी, इस साल की शुरुआत में 17 अप्रैल 2024 को भर्ती हुआ था।

भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

मौके से 3 मैगजीन और 141 राउंड के साथ एक एम 4 राइफल, चार मैगजीन और 85 राउंड के साथ एक एके -47 राइफल, 2 आईईडी बरामद हुई हैं। नकद राशि लगभग 48,000 रुपये मिली।

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