Explainer: ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग दिन बीतने के साथ ही एक बड़ा रूप लेती नजर रही है। दोनों ही देश एक दूसरे के ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात कर रहे हैं। इस बीच ईरान ने इजरायल पर हपने हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला कर काफी नुकसान पहुंचाया है। इन मिसाइलों के आगे इजरायल का सुरक्षा कवच माना जाने वाला आयरन डोम सिस्टम भी फेल साबित हो रहा है। ईरान की फतह हाईपरसोनिक मिसाइलें इजरायल में काफी तबाही मचा रही हैं। इस लेख में हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि ईरान का यह मिसाइल कितना घातक हैऔर इसकी क्या रेंज है? साथ ही हम यह भी जानेंगे कि ईरान के पास कौन-कौन सी मिसाइलें हैं?
नवंबर 2022 में ईरान ने हसन तेहरानी मोघद्दाम की 11वीं शहादत की सालगिरह के मौके पर फतह हाइपरसोनिक मिसाइल को विकसित करने का ऐलान किया था। हसन तेहरानी मोघद्दाम को ईरानी मिसाइल टेक्नोलॉजी के जनक के रूप में जाना जाता है। फतह एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है जिसे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के एयरोस्पेस फोर्स द्वारा विकसित किया गया है। फतह का अर्थ होता है-जीत हासिल करने वाला या विजेता। इस बैलिस्टिक मिसाइल का नाम ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रखा था। यह मध्यम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह मिसाइल करीब 1400 किमी की दूरी तक मार कर पाने में सक्षम है। वर्ष 2023 में इसे ईरान ने अपनी सेना में शामिल किया था। इस मिसाइल की खूबी है कि यह एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में सक्षम है।
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व एयरोस्पेस कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आमिर अली आजीजादेह ने 2023 में इसके अनावरण समारोह में इसे रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग बताया था। ईरान का दावा है कि वह हाइपरसोनिक तकनीक रखने वाला चौथा देश है। ईरान से पहले केवल तीन देशों के पास ऑपरेशनल हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने की तकनीक महारत है। ये तीन देश हैं-रूस, चीन और भारत। इन सभी के मॉडल लॉन्च प्लेटफॉर्म, रेंज, पेलोड और हाईपरसोनिक तकनीक अलग-अलग हैं। वहीं अमेरिका, रूस, चीन, भारत और उत्तर कोरिया जैसे देशों के पास सुपरसोनिक इंटरकॉन्टिनेंट बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। ईरान ने इससे पहले एक अक्टूबर 2024 को इजरायल पर हुए हमले में भी फतह हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया था।
फतह एक प्रेसिजन गाइडेड हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है जो सभी प्रकार के रक्षा कवच को भेदने में सक्षम है। यह मिसाइल अमेरिका और इजरायल के एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को भी भेदने में सक्षम है। इजरायल का आयरन डोम भी इसकी ताकत के आगे फेल हो जाता है। इसे किसी भी दिशा में कभी भी मोड़ सकते हैं। ध्वनि की तुलना में यह कम से कम 5 गुना अधिक गति प्राप्त कर सकती हैं, जिससे उन्हें रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यह रडार को आसानी से नजर नहीं आती हैं। ऊपरी वायुमंडल के घर्षण से यह असाधारण तौर पर उच्च तापमान पैदा करता है। मिसाइल की तेज गति काफी गर्म कणों का एक घेरा बनाती है, जो रेडियो कम्यूनिकेशन के प्रसारण में बाधा डालती है।

यह मिसाइल मैक 13 और मैक 15 (15,000 किमी/घंटा) की गति से लक्ष्य पर हमला कर सकता है और इसकी रेंज 1,400 किमी (870 मील) है। मिसाइल की रेंज को 2,000 किमी तक बढ़ाए जाने की उम्मीद है। फतह मिसाइल के सिस्टम में एक मोबाइल नोजल है, जो ऑपरेटर को मिसाइल की ट्रैजेक्टरी में हेरफेर करने और इसे अलग-अलग दिशाओं में निर्देशित करने की क्षमता प्रदान करता है। यह प्रक्षेपण के दौरान हवा में अपनी गति भी बदल सकता है। यह बाएं और दाएं, ऊपर और नीचे की ओर जा सकता है। साथ ही ऊपरी वायुमंडल के भीतर घूम सकता है।
ईरान ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से बैलिस्टिक मिसाइलों की एक सीरीज विकसित की थी। इनमें फतह सीरीज के भीतर कई छोटी दूरी की ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं जैसे कि फतेह-110 और फतेह-313। इसी तरह से ज़ोल्फगर या कासेम भी फतह का ही एडवांस वर्जन है। इमाद तरल ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल ने देश के लंबी दूरी की मिसाइल हैं। यह बेहतर सटीकता के लिए डिज़ाइन किए गए नए वारहेड से लैस है और इसकी रेंज 1,700 किमी है। आइए जानते हैं ईरान के पास कौन-कौन सी मिसाइलें हैं?

इजरायल के साथ युद्ध में ईरान ने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता से पूरी दुनिया को परिचित करा दिया है। इजरायल के आयरन डोम जैसे एंटी मिसाइल सिस्टम भी ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों के आगे बेबस साबित हो रहे हैं।
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