सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति दो महिलाओं के साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। यह व्यक्ति महिलाओं को प्लास्टिक की कुर्सियों से पीट रहा है और सामने बड़ी भीड़ मौजूद है। यूजर्स ने दावा किया कि यह घटना भारत में हुई है और दो मुस्लिम महिलाओं को हिजाब उतारने के बाद कुर्सियों से पीटा गया। वीडियो में एक व्यक्ति दो महिलाओं को बार-बार प्लास्टिक की कुर्सी से पीटता हुआ दिख रहा है और एक महिला के जमीन पर गिरने के बाद भी वह पीटता रहता है।
फैक्ट चेक के दौरान पाया गया कि यह वीडियो भारत का नहीं है। असली वीडियो बांग्लादेश के चटगांव का है। इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया?
एक यूजर ने 19 दिसंबर को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक व्यक्ति दो महिलाओं को प्लास्टिक की कुर्सियों से पीट रहा है और सामने बड़ी भीड़ मौजूद है। यूजर ने दावा किया कि यह घटना भारत में हुई है और दो मुस्लिम महिलाओं को हिजाब उतारने के बाद पीटा गया। वीडियो शेयर करने के साथ लिखा गया, “नीतीश कुमार की विरासत। हिजाब हटाने के बाद दो और मुस्लिम महिलाओं को कुर्सियों से पीटा गया।”
जांच में क्या मिला?
जब वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की गई तो बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम आलो की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 18 दिसंबर, 2025 को पब्लिश की गई थी। यह घटना पिछले सप्ताह की शुरुआत में बांग्लादेश के चटगांव में हुई थी। घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है, लेकिन रिपोर्ट में बांग्लादेशी पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यह घटना चटगांव के सीआरबी इलाके में स्थित विजय मेला में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा, “घटना के बाद दो महिलाएं चौकी पर आईं और मौखिक शिकायत दर्ज कराई। बाद में वहां कोई नहीं मिला। उस दिन कई दुकानों पर झगड़ा हुआ था, जहां लोगों की भीड़ थी।”
फैक्ट चेक का नतीजा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सही है, लेकिन यह बिहार का नहीं है। वीडियो बांग्लादेश का है और घटना हाल फिलहाल की है, जो एक मेले में हुई थी। इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह से फर्जी है। बिहार में किसी भी मुस्लिम महिला के साथ मारपीट या हिजाब उतारने की कोई घटना नहीं हुई है।
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