इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। इनमें से कई दावे पूरी तरह फर्जी होते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स अपने से ही वीडियो और इमेज को बनाकर अपलोड करते हैं। साथ ही इस पर अजीबोगरीब दावे भी करते हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही दावों को क्रॉस चेक करके सत्यता का पता लगाती है।
ताजा मामला आया है अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास से जुड़ा हुआ। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमला हो गया है। इस दावे के साथ लोग कुछ टूटी-फूटी इमारतों और तबाही की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। हालांकि फैक्ट चेक टीम ने पाया कि हाल-फिलहाल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
क्या हो रहा है वायरल?
दरअसल, भारत में 7 जुलाई को IndianEmbassyAttack नाम से एक हैशटैग ट्रेंड हुआ। इसी हैशटैग के साथ लोग कहने लगे कि अफगानिस्तान में हाल ही में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमला हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने ऐसी ही एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “काबुल में भारतीय दूतावास पर कायराना हमला। हर भारतीय का दिल उन बहादुरों के लिए धड़क रहा है जिन्होंने देश के लिए जान की बाज़ी लगाई। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। #IndianEmbassyAttack #KabulAttack #SaluteToHeroes”

पड़ताल में क्या सामने आया?
दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वायरल तस्वीर के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया। फोटो को रिवर्स सर्च करने पर ये हमें ‘Getty Images’ पर मिली। यहां इसे 2009 का बताया गया है। बता दें कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 8 अक्टूबर, 2009 को भारतीय एंबेसी के बाहर एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। वायरल फोटो इसी घटना के बाद उस जगह का निरीक्षण कर रहे पुलिसकर्मियों की है।
एक और तस्वीर 2017 की है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून 2017 में काबुल के वीआईपी इलाके में आत्मघाती कार बम धमाका हुआ था। इसमें कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई थी और 350 लोग घायल हो गए थे। वायरल तस्वीर जर्मन दूतावास के बाहर की है।

Fact Check में क्या निकला?
वायरल दावे को लेकर किए गए फैक्ट चेक में सामने आया है कि अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमले के संदर्भ में जिन तस्वीरों को शेयर किया जा रहा है वो पुरानी और अलग-अलग घटनाओं की हैं। हाल-फिलहाल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। पुरानी तस्वीरों को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।