सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी दिनों से वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्चा लिफ्ट के पास जाता दिखता है और इसमें गिरने वाला होता है। इसी दौरान वहां बगल में बैठा सिक्योरिटी गार्ड बच्चे को देख लेता है और उसे पीछे खींच कर बचा लेता है। अब सोशल मीडिया पर यूजर्स इस वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि गार्ड ने समय रहते पैर दबाकर बच्चे को पकड़ लिया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, फैक्ट चेक की जांच में वायरल वीडियो असली नहीं AI जनरेटेड साबित हुआ है।
क्या हो रहा है दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने 24 दिसंबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स ने लिखा, “सिक्योरिटी गार्ड पैर दबाकर बच्चों को पकड़ने गया, वरना बहुत बड़ा हादसा हो जाता।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 24 दिसंबर को वायरल वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल
पड़ताल के अगले क्रम में हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम निकालकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें hero0f.life के इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो मिला, जिसे 21 दिसंबर 2025 को पोस्ट किया गया था।

वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान हमने hero0f.life नाम के इंस्टाग्राम प्रोफाइल को स्कैन किया। जांच में सामने आया कि इस अकाउंट के बायो में साफ तौर पर लिखा है कि इस पेज पर AI से बनाए गए वीडियो पोस्ट किए जाते हैं। Hero0f.life पेज को और गहराई से स्कैन करने पर हमें इस अकाउंट पर इसी तरह के कई अन्य मिलते-जुलते वीडियो भी मिले।
इन सभी वीडियो की थीम, विज़ुअल स्टाइल और प्रस्तुति एक जैसी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये क्लिप्स वास्तविक घटनाएं नहीं, बल्कि एआई की मदद से तैयार किया गया कंटेंट हैं।


पड़ताल के अगले चरण में हमने वायरल वीडियो को एआई-जनरेटेड कंटेंट की पहचान करने वाले टूल Sightengine पर स्कैन किया। टूल से मिले नतीजों के अनुसार, यह वीडियो 96 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड होने की संभावना दर्शाता है।

इसके अलावा, वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल Undetectable AI पर भी जांचा गया। टूल के विश्लेषण में भी यह वीडियो एआई-जनरेटेड पाया गया।

पड़ताल के अंतिम चरण में हमने वायरल वीडियो को एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल Illuminarty AI पर भी स्कैन किया। टूल से प्राप्त परिणामों के अनुसार, यह वीडियो 88 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड पाया गया।

फैक्ट चेक में क्या सामने आया?
फैक्ट चेक की जांच में सामने आया है कि लिफ्ट के पास बच्चे को सिक्योरिटी गार्ड द्वारा बचाने का जो वीडियो वायरल हो रहा है वह असली नहीं बल्कि AI जनरेटेड है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। (इनपुट: भाषा)