उत्तरकाशी में धराली, हर्षिल और सुक्खी में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। हादसे को 44 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन अभी तक हालात फुल कंट्रोल में नहीं कहे जा सकते। हालांकि धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। अब तक 400 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अभी भी मलबे में 60 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक विचलित कर देने वाली फोटो वायरल हो रही है जिसमें जमीन पर पड़े हुए शवों को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि फोटो में दिख रहे इन सभी लोगों की उत्तराखंड में आई बाढ़ में मौत हो गई है। हालांकि फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी निकला।
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, “उत्तराखंड उत्तरकाशी धराली में बादल फटने से काफी लोगों की दर्दनाक मौत भगवान इनकी आत्मा को शांति दे ओम शांति शांति।” वहीं, कई यूजर्स इस समान दावे के साथ वायरल तस्वीर को फेसबुर पर शेयर कर चुके हैं।
पड़ताल:
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने इस पोस्ट पर कई कमेंट दिखे जिसमें लिखा था कि ये तस्वीर गोंडा की है। इस दौरान हमें ऐसे कई पोस्ट मिले जिनमें इस तस्वीर को गोंडा का बताया है। साथ में लिखा है कि गोंडा में एक गाड़ी का एक्सीडेंट होने से वो नहर में जा गिरी, हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई।

वहीं, यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि ये सभी पोस्ट 3 अगस्त के हैं और उत्तराखंड में बाढ़ 5 अगस्त को आई थी। इसलिए ये फोटो उत्तराखंड बाढ़ की नहीं हो सकती। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गोंडा में 3 अगस्त की सुबह तेज रफ्तार बोलेरो बेकाबू होकर सरयू नहर में गिर गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 10 लोग एक ही परिवार के थे। इस खबर में एक वीडियो भी है, जिसमें वायरल फोटो जैसी एक तस्वीर देखी जा सकती है।
इसके अलावा, उत्तराखंड पुलिस ने भी 6 अगस्त को इस फोटो के साथ किए गए दावे का खंडन किया। उत्तराखंड पुलिस ने X पर लिखा है, ''सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा गोण्डा की खबर को उत्तरकाशी, धराली आपदा से जोड़ा जा रहा है। उक्त तस्वीर का धराली आपदा से कोई संबंध नहीं हैं।''
Fact Check में क्या निकला?
हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस फोटो का उत्तराखंड बाढ़ से कोई संबंध नहीं है। ये यूपी के गोंडा की फोटो है, जहां इन लोगों की हाल ही में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस फोटो को गलत संदर्भ में उत्तराखंड त्रासदी का बताकर और भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।