Fact Check: आए दिन सोशल मीडिया पर कोई न कोई वीडियो या फोटो वायरल होती रहती हैं। इनमें से कई का तो सच्चाई से दूर-दर तक नाता नहीं होता। या यूं कहें कि पोस्ट और वीडियो को गलत या भ्रामक दावे से वायरल किया जाता है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी द्वारा रोज़ा न रखने के विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में क्रिकेटर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें अपना रोज़ा तोड़ने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, इंडिया टीवी द्वारा किए गए फैक्ट-चेक से पुष्टि हुई है कि वायरल वीडियो एडिटेड है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में मोहम्मद शमी रमजान के पवित्र महीने में रोजा न रखने के लिए मुसलमानों से माफी मांग रहे हैं। वीडियो में शमी कहते हैं, "हां, मैंने उस दिन रोजा तोड़ा था। मुस्लिम भाइयों और बहनों, कृपया मुझे गलत न समझें। मैंने ऐसा जानबूझकर नहीं किया। मुझे रोजा तोड़ने के लिए मजबूर किया गया, अन्यथा वे मेरा करियर बर्बाद कर देते। मैं अपने मुस्लिम भाइयों और बहनों से फिर से माफी मांगता हूं।" वायरल वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा: "मोहम्मद शमी ने अपना रोजा तोड़ने की वजह बताई। उन्हें ऐसा करने का पछतावा है और वे इसके लिए माफी मांगते हैं।"

वीडियो वायरल होने के बाद हमने मामले की जांच की। लेकिन जांच में दावे की पुष्टि करने के लिए समर्थन करने वाला कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं मिला। हमने उनके सोशल मीडिया हैंडल एक्स और इंस्टाग्राम को भी स्कैन किया, लेकिन हमें वहां पर भी कुछ नहीं मिला। जब हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स की रिवर्स इमेज सर्च की तो शमी के इंस्टाग्राम पर असली वीडियो पाया, जिसे उन्होंने 11 अप्रैल, 2024 को पोस्ट किया था। वीडियो में वे वायरल वीडियो जैसी ही पोशाक पहने हुए दिखाई दे रहे थे। असली वीडियो में शमी अपने दोस्तों और परिवार की ओर से सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए दिखाई दे रहे थे।

इंडिया टीवी द्वारा किए गए एक फैक्ट चेक से पुष्टि हुई है कि यह वीडियो एडिट किया गया है, शमी ने कोई स्पष्टीकरण या माफ़ी नहीं मांगी है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों और दावों से सतर्क रहें और इनपर विश्वास न करें।
संपादक की पसंद