महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों का एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं से लगातार बढ़ता मेलजोल राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है। शिर्डी से शिवसेना (यूबीटी) सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे ने आज मंत्री उदय सामंत से मुलाकात की। बताया गया कि यह बैठक उनके लोकसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और निजी कामकाज को लेकर थी। इसके पहले कल यूबीटी सांसद नागेश अस्तिकार ने भी अपने क्षेत्र के मुद्दों को लेकर एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। वहीं नासिक में श्रीकांत शिंदे के एक कार्यक्रम में यूबीटी सांसद राजाभाऊ की मौजूदगी ने भी अटकलों को और हवा दे दी।
शिंदे गुट और उद्धव गुट में बढ़ रही नजदीकी
इन लगातार मुलाकातों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद भविष्य में शिंदे गुट का रुख कर सकते हैं। महाराष्ट्र में पहले भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और दल-बदल देखने को मिले हैं, इसलिए इन बैठकों को लेकर सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि शिंदे गुट और संबंधित सांसदों की ओर से फिलहाल किसी भी राजनीतिक बदलाव से इनकार किया गया है। उनका कहना है कि ये मुलाकातें केवल विकास कार्यों, स्थानीय समस्याओं और चुनाव क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर हुई हैं। सांसदों ने साफ किया है कि वे न तो उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ रहे हैं और न ही पार्टी बदलने की कोई योजना है।
एनसीपी के दोनों गुट ने बुलाई थी अहम बैठक
बुधवार को मुंबई में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी, एनसीपी के दोनों गुटों, शरद पवार और अजित पवार गुट ने अहम बैठक बुलाने का ऐलान किया था, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई। हालांकि, सुनेत्रा पवार गुट ने फिलहाल अपनी प्रस्तावित बैठक को टाल दिया है। वहीं, दूसरी ओर शरद पवार ने सुबह 11 बजे वाई. बी. चव्हाण सेंटर में अपने गुट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें मौजूदा राजनीतिक हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।