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Pics: गुजरात में 36 लाख रुद्राक्ष से बना दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग, मनमोहक हैं तस्वीरें

Published : Feb 26, 2025 02:05 pm IST,  Updated : Feb 26, 2025 02:12 pm IST
गुजरात के वलसाड जिले में महाशिवरात्रि के अवसर पर 36 लाख रुद्राक्ष से बना 36 फिट ऊंचा शिवलिंग आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, वलसाड जिले के धरमपुर में विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग बनाया गया है। यह 36 फिट ऊंचा है।
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गुजरात के वलसाड जिले में महाशिवरात्रि के अवसर पर 36 लाख रुद्राक्ष से बना 36 फिट ऊंचा शिवलिंग आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, वलसाड जिले के धरमपुर में विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग बनाया गया है। यह 36 फिट ऊंचा है।
36 लाख रुद्राक्ष से बने शिवलिंग का दर्शन करने और दूध चढ़ाने के लिए लोगों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। आज महाशिवरात्रि चलते लोग भक्तिमय माहौल में दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
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36 लाख रुद्राक्ष से बने शिवलिंग का दर्शन करने और दूध चढ़ाने के लिए लोगों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। आज महाशिवरात्रि चलते लोग भक्तिमय माहौल में दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पवन सोलंकी ने कहा, "इस रुद्राक्ष शिवलिंग की स्थापना ने दुनिया में सबसे ऊंचे शिवलिंग के रूप में एक नया रिकॉर्ड बनाया है और हमने इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पुरस्कार देकर मान्यता दी है।
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रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पवन सोलंकी ने कहा, "इस रुद्राक्ष शिवलिंग की स्थापना ने दुनिया में सबसे ऊंचे शिवलिंग के रूप में एक नया रिकॉर्ड बनाया है और हमने इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पुरस्कार देकर मान्यता दी है।
36 लाख रुद्राक्षों से बना यह शिवलिंग भक्ति का केंद्र बन गया है और पूरे क्षेत्र से हजारों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इस शिवलिंग का निर्माण संत बटुक महाराज ने किया है।
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36 लाख रुद्राक्षों से बना यह शिवलिंग भक्ति का केंद्र बन गया है और पूरे क्षेत्र से हजारों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इस शिवलिंग का निर्माण संत बटुक महाराज ने किया है।
इससे पहले चार बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिल चुका है। रुद्राक्ष की प्रतीकात्मक शक्ति से निर्मित यह अनोखा शिवलिंग अपने आध्यात्मिक महत्व के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
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इससे पहले चार बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिल चुका है। रुद्राक्ष की प्रतीकात्मक शक्ति से निर्मित यह अनोखा शिवलिंग अपने आध्यात्मिक महत्व के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
इस शिवलिंग की भव्यता को देखने के लिए हर जगह से भक्त वांकल गांव में उमड़ रहे हैं। दर्शन के साथ-साथ, 'शिव कथा' का निरंतर पाठ भी होता है, जिससे भक्त आध्यात्मिक आनंद में डूब जाते हैं।
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इस शिवलिंग की भव्यता को देखने के लिए हर जगह से भक्त वांकल गांव में उमड़ रहे हैं। दर्शन के साथ-साथ, 'शिव कथा' का निरंतर पाठ भी होता है, जिससे भक्त आध्यात्मिक आनंद में डूब जाते हैं।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है और माना जाता है कि रुद्राक्ष शिवलिंग की पूजा करने से अपार आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
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हिंदू मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है और माना जाता है कि रुद्राक्ष शिवलिंग की पूजा करने से अपार आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
एक भक्त शरद ठाकर ने कहा, "हर साल 36 लाख रुद्राक्षों से बना यह भव्य शिवलिंग भक्तों के दिलों को मोह लेता है और यह असीम भक्ति और आस्था का प्रतीक है। (रिपोर्ट- जितेंद्र पाटिल, वलसाड)
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एक भक्त शरद ठाकर ने कहा, "हर साल 36 लाख रुद्राक्षों से बना यह भव्य शिवलिंग भक्तों के दिलों को मोह लेता है और यह असीम भक्ति और आस्था का प्रतीक है। (रिपोर्ट- जितेंद्र पाटिल, वलसाड)
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