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क्या सच में 'अमर' होता है यह छोटा सा जानवर? शेर, चीते और सांप में भी है इसका खौफ

Published : Dec 06, 2025 10:55 pm IST,  Updated : Dec 06, 2025 11:00 pm IST
आज हम आपको एक ऐसे जानवर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे शेर, बाघ, चीता या जंगली कुत्ते भी आसानी से नहीं मार पाते। यह अफ्रीका और एशिया के जंगलों-रेगिस्तानों में पाया जाता है। काले-सफेद रंग का छोटा-सा दिखने वाला यह जीव मुश्किल से एक मीटर लंबा और 10-12 किलो वजनी होता है, और ये शहद के बहुत शौकीन हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं हनी बैजर या रैटल की, जो किसी से नहीं डरता और इसे मार पाना अच्छे-अच्छों के लिए टेढ़ी खीर है।
1/4 Image Source : Pixabay Representational
आज हम आपको एक ऐसे जानवर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे शेर, बाघ, चीता या जंगली कुत्ते भी आसानी से नहीं मार पाते। यह अफ्रीका और एशिया के जंगलों-रेगिस्तानों में पाया जाता है। काले-सफेद रंग का छोटा-सा दिखने वाला यह जीव मुश्किल से एक मीटर लंबा और 10-12 किलो वजनी होता है, और ये शहद के बहुत शौकीन हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं हनी बैजर या रैटल की, जो किसी से नहीं डरता और इसे मार पाना अच्छे-अच्छों के लिए टेढ़ी खीर है।
सवाल यह उठता है कि हनी बैजर को आसानी से क्यों नहीं मारा जा सकता? दरअसल, इसकी चमड़ी काफी मोटी और ढीली होती है। इसकी चमड़ी की मोटाई 6-8 मिलीमीटर तक होती है, जो रबर जैसी लचीली और ढीली होती है। ऐसे में जब शेर, बाघ या कोई जंगली जानवर जब इसे काटता है तो दांत चमड़ी के अंदर फिसल जाते हैं, और गहरा घाव नहीं होता। वहीं, हनी बैजर मुड़कर हमलावर के मुंह-नाक पर ही काट लेता है। इसमें दर्द सहने की भी गजब की ताकत होती है और इसे जहर वाले सांप काट लें तो भी 2-3 घंटे तक लड़ता रहता है, फिर सो जाता है और जागकर फिर लड़ने लगता है।
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सवाल यह उठता है कि हनी बैजर को आसानी से क्यों नहीं मारा जा सकता? दरअसल, इसकी चमड़ी काफी मोटी और ढीली होती है। इसकी चमड़ी की मोटाई 6-8 मिलीमीटर तक होती है, जो रबर जैसी लचीली और ढीली होती है। ऐसे में जब शेर, बाघ या कोई जंगली जानवर जब इसे काटता है तो दांत चमड़ी के अंदर फिसल जाते हैं, और गहरा घाव नहीं होता। वहीं, हनी बैजर मुड़कर हमलावर के मुंह-नाक पर ही काट लेता है। इसमें दर्द सहने की भी गजब की ताकत होती है और इसे जहर वाले सांप काट लें तो भी 2-3 घंटे तक लड़ता रहता है, फिर सो जाता है और जागकर फिर लड़ने लगता है।
दिखने में नन्हा सा यह जानवर हमला होते ही पूरी तरह पागल हो जाता है, और जमकर चीखता, कूदता और काटता है। 5-6 जंगली कुत्तों या 4-5 लकड़बग्घों के झुंड को भी इसे मारने में घंटों लग जाते हैं, और वे अक्सर हार मानकर भाग जाते हैं। इसके दांत और पंजे बहुत तेज होते हैं। यह शेर के अंडकोष, नाक और पेट पर सीधा हमला करता है, जो उसके सबसे कमजोर हिस्से होते हैं। यही वजह है कि शेर भी इससे पंगा लेने से पहले 100 बार सोचते हैं।
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दिखने में नन्हा सा यह जानवर हमला होते ही पूरी तरह पागल हो जाता है, और जमकर चीखता, कूदता और काटता है। 5-6 जंगली कुत्तों या 4-5 लकड़बग्घों के झुंड को भी इसे मारने में घंटों लग जाते हैं, और वे अक्सर हार मानकर भाग जाते हैं। इसके दांत और पंजे बहुत तेज होते हैं। यह शेर के अंडकोष, नाक और पेट पर सीधा हमला करता है, जो उसके सबसे कमजोर हिस्से होते हैं। यही वजह है कि शेर भी इससे पंगा लेने से पहले 100 बार सोचते हैं।
तो सवाल यह उठता है कि क्या सच में हनी बैजर 'अमर' है? तो इसका सीधा जवाब है कि बिल्कुल नहीं। शेर, बाघ या चीता हनी बैजर को मार तो सकते हैं, लेकिन बहुत मुश्किल से और बहुत नुकसान उठाकर। ज्यादातर बड़े शिकारी इसे छेड़ना ही पसंद नहीं करते, क्योंकि फायदा कम और खतरा ज्यादा है। आखिर कौन सा बड़ा जानवर 10-12 किलो मांस के लिए अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल करना चाहेगा। यही वजह है कि हनी बैजर शान से जंगल में घूमता रहता है।
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तो सवाल यह उठता है कि क्या सच में हनी बैजर 'अमर' है? तो इसका सीधा जवाब है कि बिल्कुल नहीं। शेर, बाघ या चीता हनी बैजर को मार तो सकते हैं, लेकिन बहुत मुश्किल से और बहुत नुकसान उठाकर। ज्यादातर बड़े शिकारी इसे छेड़ना ही पसंद नहीं करते, क्योंकि फायदा कम और खतरा ज्यादा है। आखिर कौन सा बड़ा जानवर 10-12 किलो मांस के लिए अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल करना चाहेगा। यही वजह है कि हनी बैजर शान से जंगल में घूमता रहता है।
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