कन्या पूजन में करेंगे 4 गलतियां तो नहीं मिलेगा व्रत का फल, माता की कृपा दृष्टि से भी रहेंगे वंचित
कन्या पूजन में करेंगे 4 गलतियां तो नहीं मिलेगा व्रत का फल, माता की कृपा दृष्टि से भी रहेंगे वंचित
Kanya Pujan Ke Niyam: चैत्र नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथियों पर कन्या पूजन भक्तों के द्वारा किया जाता है। कन्या पूजन के दौरान कौन से कार्य करने से आपको बचना चाहिए, आइए जानते हैं।
Published : Mar 25, 2026 07:10 pm IST, Updated : Mar 25, 2026 07:10 pm IST
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चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी तिथि 26 मार्च को और नवमी तिथि 27 मार्च को है। इन दोनों ही तिथियों पर भक्त कन्या पूजन करते हैं। कन्या पूजन के दौरान कुछ गलतियां करने से हर भक्त को बचाना चाहिए। अन्यथा व्रत का फल आपको नहीं मिलता। आइए ऐसे में जान लेते हैं उन 4 गलतियों के बारे में जिनको करने से माता के आशीर्वाद से आप वंचित रह सकते हैं।
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कन्या पूजन वाले दिन आपको तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। इस दिन पूजा के दौरान भी और व्रत समाप्त होने के बाद भी आपको प्याज-लहसुन जैसी तामसिक वस्तुओं को भोजन में शामिल नहीं करना चाहिए।
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कन्या पूजन के दौरान किसी भी कन्या के साथ अनादर न करें साथ ही भेदभाव करने से भी बचें। कन्याओं का पूरा आदर करें और पैर धुलवाकर उन्हें आसन पर बिठाएं। अगर आप कन्याओं का निरादर करते हैं तो माता के आशीर्वाद से आपको वंचित रहना पड़ सकता है।
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नवरात्रि में गलती से भी दस साल से ज्यादा की कन्याओं को पूजा में न बुलाएं। 10 साल से छोटी कन्याएं ही माता का स्वरूप मानी जाती है। ऐसे में अगर आप बड़ी उम्र की कन्याओं को कन्या पूजन में बुलाते हैं तो पूजा असफल हो जाती है।
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कन्या पूजन के बाद कन्याओं को गलती से भी खाली हाथ न भेजें। कन्याओं से आशीर्वाद लेने के बाद उनको उपहार स्वरूप कुछ न कुछ अवश्य दें। अगर कन्याएं खाली हाथ आपके घर से जाती हैं तो माता आपसे रूठ सकती हैं और व्रत के बाद भी आपको उचित परिणाम नहीं मिलते।