झारखंड की राजधानी रांची से आए एमएस धोनी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किसी बुरे सपने से कम नहीं था। 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ धोनी ने अपना पहला मैच खेला और मात्र एक गेंद खेलकर वह रन आउट हो गए। पहले 4 मैच में मात्र 22 रन बनाने वाले धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने 5वें वनडे मैच में 148 रन की धमाकेदार पारी खेलकर बता दिया था कि उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काफी लंबा होने वाला है।
धोनी ने भारतीय टेस्ट टीम में भी जगह बनाने में फिर भी एक साल का समय लग गया था। उन्होंने 2 दिसंबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला। उस मैच में धोनी ने 30 रन बनाए थे।
तीन साल बल्ले से पूरी दुनिया का दिल जीतने के बाद धोनी को टी20 वर्ल्ड कप 2007 में टीम इंडिया की कप्तानी करने का मौका मिला। इस मौके को उन्होंने दोनों हाथों से लपका और उनकी अगुवाई में टीम ने 24 सितंबर को फाइनल मुकाबले में चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हराकर इतिहास रचा।
टी20 वर्ल्ड कप की सफलता के बाद धोनी को जल्द ही वनडे टीम की भी कमान मिल गई थी। धोनी का प्रदर्शन कप्तानी के दबाव तले और निखरा और वह 2008 और 2009 में आईसीसी ओडीआई प्लेयर ऑफ द इयर भी चुने गए।
इसके बाद धोनी का मिशन था 28 साल का सूखा खत्म कर भारत को एकदिवसीय वर्ल्ड कप जीताना। यहां भी धोनी सफल हुए। 2 अप्रैल 2011 को टीम इंडिया ने श्रीलंका को 6 विकेट से मात देकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज किया। धोनी ने फिनिशिंग शॉट के रूप में छक्का लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। उस मैच में धोनी ने 91 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
फिर आई बारी 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की। भारत 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से ये खिताब जीत चुका था, लेकिन धोनी टीम को चैंपियन बनता देखना चाहते थे। उनकी अगुवाई में टीम ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में 23 जून को इंग्लैंड को 5 रनों से हराया। इसी के साथ धोनी वर्ल्ड क्रिकेट के पहले ऐसे कप्तान बने जिसने आईसीसी के सभी खिताब जीते थे।
अपनी आपार मेहनत और सूझबूझ भरी कप्तानी से टीम इंडिया को वर्ल्ड क्रिकेट में शीर्ष पर पहुंचाने के बाद धोनी ने 30 दिसंबर 2014 को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। यहां फैन्स का दिल टूटा लेकिन इस बात की खुशी थी कि धोनी नीली जर्सी में अभी भी दिखाई देंगे।
जनवरी 2017 में धोनी ने लिमिटेड ओवर की कप्तानी भी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकी कोहली 2019 वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार कर सके। इस वर्ल्ड कप में धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और संयोग से रन आउट से ही धोनी के करियर का अंत हुआ।
धोनी ने 15 अगस्त को अपने ही अंदाज में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। इस वीडियो में धोनी अपने साथी खिलाड़ियों के साथ दिखाई दिए और बैकग्राउंड में मैं पल दो पल का शायर गाना बज रहा था।