केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया कंपनियों को क्यों दी चेतावनी, जानें क्या है माजरा
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया कंपनियों को क्यों दी चेतावनी, जानें क्या है माजरा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अनुचित या अवैध सामग्री को रेगुलेट करने में असफल रहे हैं, इस निष्कर्ष के बाद सरकार के निर्देश में अश्लील, अभद्र या बच्चों के लिए हानिकारक सामग्री की पहचान करने और उसे हटाने में सख्ती की कमी को उजागर किया गया है।
Published : Dec 30, 2025 07:48 pm IST, Updated : Dec 30, 2025 07:48 pm IST
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केंद्र सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों, विशेष रूप से सोशल मीडिया कंपनियों को चेतावनी दी है कि यदि वे अश्लील, अभद्र, पोर्नोग्राफिक, बाल यौन शोषण से संबंधित और अन्य प्रकार की गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रहते हैं तो उन्हें कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
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मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रोनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने कंपनियों को याद दिलाया कि आईटी अधिनियम और आईटी नियम, 2021 के तहत यह अनिवार्य है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयास करें कि यूजर्स ऐसी जानकारी को होस्ट, प्रदर्शित या शेयर न करें जो बच्चों के लिए हानिकारक हो, अश्लील हो या या गैरकानूनी हो।
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आईटी नियम 2021 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को इस तरह के कृत्य के बारे में जानकारी मिलने के 24 घंटों के भीतर उस कंटेट को हटाना आवश्यक है। अगर वो ऐसा नहीं करते तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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यह सलाह MeitY द्वारा की गई उन टिप्पणियों के बाद जारी की गई है जिनमें पाया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अनुचित या अवैध सामग्री को सख्ती से नियंत्रित नहीं कर रहे हैं। मंत्रालय ने निरंतर लापरवाही के जोखिमों को भी साफ किया है।
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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मध्यस्थों को निर्देश दिया है कि वे अदालती आदेशों या सरकारी एजेंसी से अधिसूचना के माध्यम से "वास्तविक जानकारी" मिलने पर 2021 के नियमों द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर, गैरकानूनी सामग्री को हटाने या उस तक पहुंच को अक्षम करने के लिए तुरंत कार्रवाई करें।