PHOTOS: कड़ी सुरक्षा के बीच मॉस्को में विक्ट्री डे परेड, 2 दशक में पहली बार नजर नहीं आए टैंक
PHOTOS: कड़ी सुरक्षा के बीच मॉस्को में विक्ट्री डे परेड, 2 दशक में पहली बार नजर नहीं आए टैंक
मॉस्को में विक्ट्री डे परेड कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुई, जिसमें पहली बार 2 दशक में टैंक और भारी हथियार नहीं दिखे। पुतिन ने इस दौरान अपने संबोधन में यूक्रेन युद्ध में जीत का भरोसा जताया।
Published : May 09, 2026 01:57 pm IST, Updated : May 09, 2026 01:57 pm IST
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रूस ने शनिवार को द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की याद में विक्ट्री डे मनाया। राजधानी मॉस्को के रेड स्क्वायर में आयोजित सैन्य परेड में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध में जीत का भरोसा जताया। इस दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। अमेरिका की मध्यस्थता से लागू तीन दिन के युद्धविराम के बीच यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिससे यूक्रेन की ओर से संभावित हमलों की आशंका कुछ कम हुई।
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पुतिन ने परेड को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिक 'पूरे नाटो गठबंधन के समर्थन वाली आक्रामक ताकत' का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जीत हमेशा हमारी हुई है और आगे भी हमारी ही होगी।' पुतिन ने रूसी सेना की बहादुरी, एकता और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता की सराहना की।
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बता दें कि रूस में विक्ट्री डे सबसे बड़ा राष्ट्रीय और गैर-धार्मिक उत्सव माना जाता है। पुतिन पिछले कई वर्षों से इस मौके का इस्तेमाल देश की सैन्य ताकत दिखाने और राष्ट्रवाद को मजबूत करने के लिए करते रहे हैं। हालांकि इस बार की परेड पिछले वर्षों से अलग रही। करीब दो दशक में पहली बार रेड स्क्वायर की परेड में टैंक, मिसाइल और भारी हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया गया। केवल लड़ाकू विमानों की पारंपरिक फ्लाईपास्ट हुई।
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रूसी अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों और यूक्रेनी हमलों के खतरे को देखते हुए परेड का स्वरूप बदला गया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राजधानी में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परेड के दौरान मॉस्को में मोबाइल इंटरनेट और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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बता दें कि रूस की 'विक्ट्री डे परेड' हर साल 9 मई को मनाई जाती है। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में होती है। इस दिन रूस में बड़े पैमाने पर समारोह होते हैं। सैनिक, टैंक और आधुनिक हथियारों की झलक इस परेड में दिखाई जाती है। लोग इसे देशभक्ति और गर्व के दिन के रूप में देखते हैं।
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यह परेड रूस की राजधानी मॉस्को के रेड स्क्वायर में होती है। यहां राष्ट्रपति और कई बड़े नेता मौजूद रहते हैं। हजारों सैनिक एक साथ कदम मिलाकर मार्च करते हैं। आसमान में लड़ाकू विमान भी उड़ान भरते हैं। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं। यह दृश्य बहुत ही भव्य और आकर्षक होता है।
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विजय दिवस परेड में पुराने युद्ध नायकों को भी सम्मान दिया जाता है। लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं जिन्होंने युद्ध में भाग लिया था। स्कूलों और संस्थानों में भी इस दिन विशेष कार्यक्रम होते हैं। बच्चे और युवा देशभक्ति गीत गाते हैं और झंडे लेकर रैलियां निकालते हैं। यह दिन इतिहास और बलिदान की याद दिलाता है।
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रूस इसे अपनी शक्ति और एकता दिखाने का अवसर भी मानता है। हर साल लोग इसे बड़े उत्साह और सम्मान के साथ देखते हैं। यह दिन रूस के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मौके पर विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।