देश में इबोला वायरल के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार विशेष सावधानी बरत रही है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने सोमवार को बताया कि अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की सघन चेकिंग कर रही है। केंद्र सरकार की तरफ से चेकिंग के लिए एसओपी जारी किया गया है। एयरपोर्ट पर युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की सघन जांच की जा रही है।
गुजरात में सोमवार को इबोला से निपटने की तैयारियों और अग्रिम योजना पर बैठक हुई। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, फिर भी एहतियात के तौर पर गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने अहमदाबाद और सूरत के दो अस्पतालों में विशेष बिस्तर आरक्षित किए हैं।
अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी
पानसेरिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रभावित अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी कर रहा है। अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाम छह बजे से सुबह 10 बजे के बीच युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की सघन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, "वर्तमान में गुजरात या भारत में इबोला वायरस का एक भी मामला नहीं है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और एसओपी का सख्ती से पालन कर रही है। हालांकि, विशेष जांच सिर्फ अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की हो रही है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
जेपी नड्डा ने तैयारियों की समीक्षा की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने देश में इबोला को रोकने के लिए तैयारियों की समीक्षा की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में नड्डा ने इबोला को लेकर देश की तैयारी का आकलन किया और निर्देश दिया कि रोकथाम के सभी तरीके पूरी तरह से प्रभावी रहें। उनके निर्देश पर, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने तालमेल और तैयारी के उपायों को मजबूत करने के लिए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की। नड्डा ने अधिकारियों को देश भर में एयरपोर्ट, पोर्ट समेत देश के सभी एंट्री प्वाइंट पर इबोला स्क्रीनिंग व्यवस्था को पूरी तरह से सतर्क और मजबूत रखने का निर्देश दिया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इमरजेंसी घोषित की
केंद्रीय मंत्री ने आईसीएमआर और एनसीडीसी को निर्देश दिया कि इबोला का पता लगाने, जांच करने और निगरानी रखने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं लगातार प्रभावी रहें। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला के प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता वाला सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। 'अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' ने भी इसे 'महाद्वीपीय सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया है। अधिकारियों ने कहा कि निगरानी और एजेंसियों के बीच तालमेल पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले का जल्दी पता लगाया जा सके और तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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