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अहमदाबाद हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार को लगाई फटकार, पूछा- राजकोट गेमिंग जोन एक साल क्यों नहीं गिराया

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jul 04, 2024 09:39 pm IST,  Updated : Jul 04, 2024 09:39 pm IST

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के अधिकारियों को पता था कि टीआरपी गेम जोन अवैध है, लेकिन जून 2023 में प्रबंधन को ध्वस्तीकरण का आदेश दिए जाने के बावजूद इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Rajkot Gaming Zone - India TV Hindi
राजकोट गेमिंग जोन का मलबा Image Source : PTI

गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राजकोट गेम जोन में लगी आग को लेकर राज्य सरकार को फिर फटकार लगाई और पूछा कि अवैध ढांचे को ध्वस्त करने के आदेश का करीब एक साल तक पालन क्यों नहीं किया गया। इस साल मई में गेम जोन में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत हलफनामे के बाद यह फटकार लगाई गई है। 

पीठ घटना के एक दिन बाद 26 मई को स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। गुजरात सरकार ने गुरुवार को राजकोट में टीआरपी गेम जोन में आग लगने की घटना पर अपनी “तथ्यान्वेषी जांच” रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में उच्च न्यायालय को सौंपी। पीठ ने पिछले महीने आग लगने की घटना की जांच पर नाराजगी व्यक्त की थी और एक “तथ्यान्वेषी जांच” का आदेश दिया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध गेम जोन कैसे बना और इसमें अधिकारियों की क्या भूमिका थी। 

2023 में मिला था गेमिंग जोन गिराने का आदेश

राज्य के हलफनामे पर गुरुवार को गौर करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के अधिकारियों को पता था कि टीआरपी गेम जोन अवैध है, लेकिन जून 2023 में प्रबंधन को ध्वस्तीकरण का आदेश दिए जाने के बावजूद इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "आरएमसी ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। तब से लेकर अब तक (आग की घटना तक) एक साल बीत चुका है। इसे क्यों लागू नहीं किया गया? इसका जवाब कहां है? ध्वस्तीकरण के उस आदेश से साबित होता है कि अधिकारियों को पता था कि यह ढांचा अवैध था।" 

एनओसी के बिना चल रहा था गेमिंग जोन

राजकोट शहर के नाना-मावा इलाके में 25 मई को गेम जोन में लगी भीषण आग में चार बच्चों सहित 27 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि गेम जोन आरएमसी के अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना चल रहा था। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

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