गुजरात के अरवल्ली जिले में मंत्री के पोते के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। अहम बात यह है कि मंत्री के पोते और बेटों ने पुलिस में शिकायत करने की बजाय रिक्शा ड्राइवर को ढूंढ़ा और उसकी जमकर पिटाई की। दोनों घटनाओं का वीडियो सामने आया है, लेकिन पुलिस की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि अगर कोई पक्ष शिकायत करने आया तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पहले रिक्शा ड्राइवर ने मंत्री के पोते के साथ मारपीट की थी। यह घटना चौराहे में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इसके बाद मंत्री के पोते ने रिक्शा ड्राइवर को खोजा और उसकी जमकर पिटाई की। पोते के दोस्तों ने मारपीट का वीडियो भी बनाया। हालांकि, इस मामले पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है और ऐसा लग रहा है कि गुजरात में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है।
क्या है मामला?
घटना अरवल्ली जिले के मोडासा की है। यहां असामाजिक तत्व ने गुजरात सरकार के राज्य मंत्री भीखूसिंह परमार के पोते की पिटाई की। इसके बाद मंत्री के बेटों ने भी जवाबी कार्रवाई की। घटना बीते 17 फरवरी की सुबह करीब 10:30 बजे की है। मंत्री भीखूसिंह परमार के बेटे एक्टिवा से गुजर रहे थे, तभी गलत साइड से आ रहे रिक्शा चालक ने साइड को लेकर मंत्री के पोते से बहस की और मारपीट भी की। पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। मंत्री के पोते की पिटाई के बाद मंत्री के बेटे किरण सिंह, रंजीत सिंह और अरवल्ली जिला युवा मोर्चा भाजपा के अध्यक्ष अमीश पटेल ने अन्य साथियों मिलकर बेटे को पीटने वाले रिक्शा ड्राइवर को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठी और बैट से पिटाई का वीडियो भी सामने आया है।
चैन की नींद सो रही पुलिस
इस घटना पर अरवल्ली पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। अरवल्ली जिले में सभी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी मॉनिटरिंग एस पी दफ्तर से होती है फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अभी तक इस घटना को लेकर एफआईआर तक नहीं की गई है। अरवल्ली एस पी ने बताया कि कोई एफआईआर दाखिल करने को आएगा तो वह मामला दर्ज कर सकते हैं। फिलहाल इस घटना की निंदा पूरे गुजरात में हो रही है। मंत्री भिखूसिंह परमार के दोनों बेटे की गुंडा गर्दी से राज्य की भाजपा सरकार बदनाम हो रही है।
(अरवल्ली से महेन्द्र प्रसाद की रिपोर्ट)