1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. GST Fraud: एक ही कमरे से चल रही थीं 550 डमी कंपनियां, GST फर्जीवाड़े में सूरत से पांच लोग गिरफ्तार

GST Fraud: एक ही कमरे से चल रही थीं 550 डमी कंपनियां, GST फर्जीवाड़े में सूरत से पांच लोग गिरफ्तार

 Published : May 30, 2022 04:37 pm IST,  Updated : May 30, 2022 04:37 pm IST

जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) के करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) फर्जीवाड़े के लिए गुजरात के सूरत के एक कमरे से करीब 550 डमी कंपनियां चलाईं जा रही थीं। ये फर्जीवाड़ा चलाने वाले शातिर गिरोह के पांच लोगों को सूरत से गिरफ्तार किया गया है। 

5 arrested in Surat for GST fraud- India TV Hindi
5 arrested in Surat for GST fraud Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE

Highlights

  • गुजरात में सामने आया जीएसटी फर्जीवाड़ा गैंग
  • एक कमरे से चला रहे थे सैंकड़ों डमी कंपनियां
  • जांच के घेरे में 800 करोड़ रुपये का कारोबार

GST Fraud: जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) के करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) फर्जीवाड़े के लिए गुजरात के सूरत के एक कमरे से करीब 550 डमी कंपनियां चलाईं जा रही थीं। ये फर्जीवाड़ा चलाने वाले शातिर गिरोह के पांच लोगों को सूरत से गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

800 करोड़ रुपये का 'फर्जीवाड़ा'

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर के केंद्रीय माल एवं सेवा कर आयुक्तालय ने मध्यप्रदेश पुलिस के साइबर दस्ते की मदद से गिरोह के पांच लोगों को सूरत से 25 मई को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि गिरोह द्वारा करीब 550 डमी कंपनियों के नाम पर किया गया कुल 800 करोड़ रुपये का कारोबार जांच के घेरे में है। उन्होंने बताया कि केवल कागजों पर दिखाए गए इस कारोबार के जरिये जीएसटी का 100 करोड़ रुपये से अधिक का आईटीसी फर्जी तौर पर हासिल किया गया और ‘कमीशन’ लेकर इसे अन्य कंपनियों को बेच दिया गया।

गिरोह कैसे कर रहा था चूना?

मामले की जांच से जुडे़ एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,‘‘गिरोह द्वारा सूरत के एक कमरे से करीब 550 डमी कंपनियां चलाई जा रही थीं और इनके जरिये करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार किया जा रहा था। हमें इस कमरे में बामुश्किल चार मेज-कुर्सियां रखी मिलीं और हमने पाया कि वहां ज्यादा से ज्यादा छह लोग बैठकर काम कर सकते हैं।’’ उन्होंने बताया कि जीएसटी तंत्र में डमी कंपनियां पंजीबद्ध कराने के लिए एक अन्य गिरोह के जरिये गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के लोगों की पहचान के दस्तावेज अवैध तौर पर खरीदे गए थे। 

अधिकारी ने बताया,‘‘डमी कंपनियां खोलने के लिए गरीब तबके के दिहाड़ी मजदूरों से लेकर मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए एक आईपीएस अधिकारी तक के नाम या पतों के दस्तावेजों का अवैध इस्तेमाल किया गया। इन लोगों को भनक तक नहीं थी कि उनके दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का फर्जी कारोबार किया जा रहा है।’’ उन्होंने बताया कि जांच अधिकारियों को एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर भी डमी कंपनी मिली जिसकी सात साल पहले ही मौत हो चुकी है। 

बढ़ सकता फर्जीवाड़े का आंकड़ा

अधिकारी ने बताया कि गिरोह के कब्जे से डमी कंपनियों के विवरण के साथ ही बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सील, लेटर-पैड आदि बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच व कार्रवाई जारी है और गिरोह द्वारा कई परतों में किए गए फर्जीवाड़े का आंकड़ा बढ़ सकता है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।