गुजरात के पाटन में सड़कों की खराब हालत प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुकी है। यहां बारिश के कारण सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। इससे राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन की किरकिरी हो रही है। इस बीच अधिकारियों ने अलग-अलग जगहों से सैंपल लेकर सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। जिला कलेक्टर के अनुसार बिटुमिनस से ज्यादा से ज्यादा गड्ढों को भरने की कोशिश की जाएगी, ताकि लोगों को अस्थायी समाधान मिल सके। इसके बाद स्थायी तौर पर सड़कों की मरम्मत की जाएगी।
पाटन कलेक्टर तुषार भट्ट ने कहा, "राज्य और केंद्र सरकारें गड्ढों की समस्या को हल करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं कि जनता को कोई असुविधा न हो। हमने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य (पीपीपी) के. वेंकट रमना के साथ इस समस्या और संभावित समाधानों पर विस्तृत चर्चा की।"
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य (पीपीपी) के. वेंकट रमना ने कहा, "हम विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लंबे समय में जनता को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। हम बिटुमिनस सामग्री का उपयोग करके यथासंभव अधिक से अधिक पैच को ढककर राहत प्रदान करेंगे। यह अस्थायी समाधान फिलहाल सड़क की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगा।"
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के निर्देशों के बाद भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से पर संतालपुर के पास एक उच्च-स्तरीय संयुक्त निरीक्षण किया गया। एनएचएआई सदस्य वेंकटरमन और जिला कलेक्टर तुषार भट्ट के नेतृत्व में किए गए इस निरीक्षण में सड़क की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए स्थलीय मूल्यांकन और नमूने एकत्र किए गए। अधिकारियों ने कहा कि यदि नमूनों में घटिया निर्माण पाया जाता है, तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसे पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। सुरक्षित और सुचारू यातायात बहाल करने के लिए उन्नत मशीनरी और मानव शक्ति का उपयोग करके तत्काल सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। मरम्मत का काम समय पर पूरा करने और यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया है। (इनपुट- एएनआई)
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