अहमदाबाद: गुजरात सरकार की ओर से यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए बनाई गई कमेटी ने अब तक 38 मुस्लिम संगठनों के साथ चर्चा की है। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल ने बुधवार को दी। कमेटी की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं। मंगलवार को कमेटी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की और UCC पर अब तक की प्रगति की जानकारी दी। ऋषिकेश पटेल ने बताया कि कमेटी ने गुजरात के 33 जिलों का दौरा किया और वहां के सियासी व धार्मिक नेताओं से उनकी राय जानी।
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'38 मुस्लिम संगठनों में 21 सूरत के और 17 दिल्ली के'
पटेल ने कहा, 'कमेटी ने अब तक 19 लाख सुझाव हासिल किए हैं। लोग वेबसाइट, ई-मेल और डाक के जरिए अपनी राय भेज रहे हैं।' उन्होंने बताया कि कमेटी ने 38 मुस्लिम संगठनों से बातचीत की है, जिनमें 21 संगठन सूरत के और 17 दिल्ली के हैं। इन मुलाकातों में UCC पर उनकी राय और सुझाव लिए गए। जस्टिस रंजना देसाई ने मंगलवार को बताया कि UCC का ड्राफ्ट एक महीने के अंदर सरकार को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद सरकार इस ड्राफ्ट को कानून का रूप देने की प्रक्रिया शुरू करेगी। ड्राफ्ट तैयार करने की आखिरी तारीख 15 अप्रैल है।
4 फरवरी को बनाई गई थी 5 सदस्यों की कमेटी
गुजरात की बीजेपी सरकार ने इस साल 4 फरवरी को पांच सदस्यों की कमेटी बनाई थी, जिसे UCC की जरूरत का आकलन करना और इसका मसौदा तैयार करना था। कमेटी को 45 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन बाद में इसे और समय दिया गया। कमेटी में जस्टिस देसाई के अलावा रिटायर्ड IAS ऑफिसर सी.एल. मीणा, वकील आर.सी. कोडेकर, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ शामिल हैं। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कमेटी के सभी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। गुजरात में UCC को लेकर चल रही यह प्रक्रिया लोगों के बीच खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। (PTI)