सूरतः लिंबायत इलाके में दहशत फैलाने वाले 'चिया गैंग' पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। शहर में मारपीट, हफ्ता वसूली और खुलेआम हथियार लहराकर रौब झाड़ने वाले इस गैंग के तीन सदस्यों को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें उसी क्षेत्र में लेकर गई जहां इन्होंने दबंगई की थी और वहीं सड़क पर रिकंस्ट्रक्शन (पुनरावृत्ति) कराया। इस दौरान आरोपी माजिद, समीर और दीपक को कान पकड़कर लोगों के सामने माफी मांगते देखा गया।
रोड पर लंगराड़े दिखे अपराधी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई इतनी सख्त थी कि आरोपियों को चलने-फिरने में भी तकलीफ हो रही थी। इलाके में चर्चा है कि इस बार पुलिस ने गैंग को सबक सिखा दिया है। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि बदमाश किस तरह बेबस नजर आ रहे हैं।
'मैं इस इलाके का बाप हूं', कहते हुए बदमाशों ने लोगों को धमकाया था
गौरतलब है कि पांच दिन पहले रानी तलाव क्षेत्र में रहने वाले रफीक पठान के साले कमरुद्दीन के घर तीनों आरोपी पहुंचे थे। उन्होंने खुद को इलाके का 'बाप' बताते हुए धमकाया और कहा कि यहां रहना है तो हफ्ता देना पड़ेगा। डर के मारे कमरुद्दीन से 3 हजार रुपए भी वसूल लिए थे।
यहां देखें वीडियो
पुलिस ने दिखाया इलाके का असली बाप कौन है
वीडियो देखकर आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि 'मैं इस इलाके का बाप हूं' कहने वाले बदमाशों को समझ में आ गया कि इस इलाके का असली बाप कौन है। मैं इस इलाके का बाप हूं, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे हटने के लिए कहने की। बदमाश ने एक आदमी की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिसने उससे बस सड़क खाली करने को कहा था।
वाहन मालिक गिरफ्तार
वहीं, सूरत के पास डुमास समुद्र तट पर एक एसयूवी कार के रेत में फंस जाने के बाद पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में इसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ‘स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल’ (एसयूवी) कार के बीमाकर्ता से भी पुलिस अनुरोध करेगी कि वह किसी भी नुकसान के दावे को मंजूरी न दे, ताकि लोगों को यह संदेश दिया जा सके कि वे अपने वाहनों को निषिद्ध क्षेत्रों में ले जाने से बचें। प्रशासन ने एक अधिसूचना के माध्यम से समुद्र तट पर चार पहिया वाहन ले जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
रिपोर्ट- शैलेष चांपानेरिया, सूरत