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देश की 70% महिलाओं को PCOS-PCOD, बढ़ सकता है इनफर्टिलिटी का खतरा, स्वामी रामदेव ने बताए बचाव के उपाय

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Vanshika Saxena
 Published : Mar 27, 2026 09:26 am IST,  Updated : Mar 27, 2026 09:26 am IST

PCOS/PCOD Increases Risk of Infertility: महिलाओं में पीसीओएस-पीसीओडी के बढ़ते मामले वाकई में चिंता का विषय हैं। आइए जानते हैं कि स्वामी रामदेव ने इस बारे में क्या कहा...

पीसीओएस-पीसीओडी- India TV Hindi
पीसीओएस-पीसीओडी Image Source : FREEPIK

घर में बच्चे होते हैं, तो घर की रौनक, रिश्तों की मुस्कान और हर कपल के बीच प्यार बना रहता है। लेकिन अफसोस, हर घर को ये खुशकिस्मती आसानी से नहीं मिल पाती। हमारे देश में लाखों-करोड़ों जोड़े ऐसे हैं, जिनकी जिंदगी में बच्चे की चाह तो है पर किलकारी अब तक नहीं आई। इसकी वजह सिर्फ किस्मत या समाज नहीं है, आज करियर का दबाव, देर से शादी, देर से फैमिली प्लानिंग, तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी, ये सब मिलकर फर्टिलिटी पर असर डाल रहे हैं। ऊपर से पीसीओएस, फाइब्रॉइड्स, थायरॉइड और हॉर्मोनल गड़बड़ी जैसी दिक्कतें महिलाओं में तेजी से बढ़ रही हैं जबकि पुरुषों में भी स्पर्म क्वॉलिटी और काउंट गिरना बड़ी चिंता बनता जा रहा है।

गौर करने वाली बात- मसला सिर्फ सामाजिक नहीं, जिस्मानी भी है। इनफर्टिलिटी के मामले में परिस्थिति इतनी गंभीर है कि दुनिया के कई मुल्क अब इसे जनसंख्या नहीं, सेहत और भविष्य के संकट की तरह देखने लगे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रूस में तो जन्मदर बढ़ाने के लिए बाकायदा मुहिम चलाई जा रही है, कैश इनसेंटिव्स दिए जा रहे हैं, नई पॉलिसी बनाई जा रही हैं क्योंकि वहां फर्टिलिटी रेट रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे जा चुका है।

इनफर्टिलिटी की बड़ी वजह- हमें भी रूस से सबक लेने की जरूरत है। जब पीरियड्स इर्रेग्युलर हों, पेल्विक पेन हो, वजन तेजी से बढ़े, हॉर्मोन बिगड़ें और बावजूद इसके जांच-इलाज टलता रहे, तो आगे चलकर यही दिक्कतें इनफर्टिलिटी की बड़ी वजह बन सकती हैं। वक्त रहते अलर्ट होना बहुत जरूरी है। शर्म नहीं, स्क्रीनिंग जरूरी है। देरी नहीं, सही इलाज जरूरी है। आज रामनवमी के पावन दिन जब पूरा देश प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की खुशी मना रहा है, तो क्यों न संकल्प लिया जाए योग, आयुर्वेद और अनुशासित लाइफस्टाइल को अपनाने का ताकि सब सेहतमंद रहें और आंगन में भी खुशियों की किलकारी गूंजे।

जरूर करें योग-प्राणायाम- अगर आप पीसीओएस और पीसीओडी जैसी समस्याओं को मैनेज करना चाहते हैं या इस तरह की प्रॉब्लम्स से बचाव करना चाहते हैं या इनफर्टिलिटी के खतरे को कम करना चाहते हैं, तो आपको अपने डेली रूटीन में योग-प्राणायाम को जरूर शामिल करना चाहिए। योग-प्राणायाम आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ को सुधारने में कारगर साबित हो सकता है। इनफर्टिलिटी के खतरे को कम करने के लिए आयुर्वेद-नेचुरोपैथी की मदद भी ली जा सकती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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