इंडिया टीवी के वेलनेस वीकेंड कॉन्क्लेव में डॉक्टर धीरज दुबे, डॉक्टर समीर भाटी और डॉक्टर प्रशंता कुमार पात्रा ने नींद की कमी की वजह से लोगों की सेहत पर पड़ने वाले गंभीर साइड इफेक्ट्स पर बात की। डॉक्टर्स ने बताया कि किस तरह से अपने लाइफस्टाइल और डाइट प्लान में सुधार करके आप अपने नींद की क्वालिटी को सुधार सकते हैं। अगर आप अक्सर साउंड स्लीप नहीं ले पाते हैं, तो आपको गंभीर और खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए कुछ सलाह जरूर माननी चाहिए।
बढ़ता स्क्रीन टाइम नींद का दुश्मन
डॉक्टर समीर भाटी ने बताया कि लोगों का बढ़ता स्क्रीन टाइम, नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है। डॉक्टर भाटी कहते हैं कि लोग कम सोने की आदत को सेलिब्रेट करने लगे हैं। लोगों ने अपने लाइफस्टाइल से एक्सरसाइज को काफी हद तक हटा दिया है। पहले सब लोग हर रोज पैदल चलते थे लेकिन अब फिजिकल एक्टिविटी की कमी की वजह से लोगों की नींद बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। स्लीप डेप्रिवेशन की समस्या न केवल लोगों की शारीरिक सेहत पर बल्कि लोगों की मानसिक सेहत पर भी नेगेटिस असर डाल सकती है।

डाइट पर ध्यान देना बेहद जरूरी
डॉक्टर प्रशंता कुमार पात्रा कहते हैं कि साउंड स्लीप के लिए डाइट प्लान पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी होता है। कार्बोहाइड्रेट-प्रोटीन समेत पोषक तत्वों से भरपूर हेल्दी-बैलेंस्ड डाइट स्लीप डेप्रिवेशन की समस्या से बचाव कर सकती है। डॉक्टर पात्रा ने बताया कि खाने को डाइजेस्ट होने में लगभग 12 घंटे का समय लगता है। इसलिए 8 बजे तक खाना खा लेना चाहिए। डॉक्टर प्रशंता कुमार पात्रा ने बताया कि डेली रूटीन में प्राणायाम को शामिल करके नींद की गुणवत्ता को काफी हद तक सुधारा जा सकता है।
भारी पड़ सकता है खराब लाइफस्टाइल
खराब लाइफस्टाइल न केवल आपकी नींद को बल्कि आपकी ओवरऑल हेल्थ को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर धीरज दुबे के मुताबिक विटामिन डी और कैल्शियम की कमी 30-35 साल की उम्र के लोगों को भी जॉइंट पेन की समस्या का शिकार बना रही है। वर्क फ्रॉम होम करना और बिल्कुल भी फिजिकल एक्टिविटी न करना स्पाइन से जुड़ी समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा कैफीन नींद के साथ-साथ हड्डियों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।


