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फास्टिंग से दूर हो सकती हैं सेहत से जुड़ी कई समस्याएं, जानें योग से इंसुलिन के डोज को छुटाने का तरीका

 Written By: Pankaj Kumar, Edited By: Vanshika Saxena
 Published : Mar 30, 2025 09:27 am IST,  Updated : Mar 30, 2025 09:29 am IST

आयुर्वेद के मुताबिक व्रत रखना आपकी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। आइए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के कुछ नेचुरल तरीकों के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।

व्रत रखने के फायदे- India TV Hindi
व्रत रखने के फायदे Image Source : FREEPIK

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। देवी मां का स्रोत मन को शांति देता है। अब 9 दिन लोग मातारानी की भक्ति में डूबे रहेंगे क्योंकि आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इस दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं क्योंकि त्योहारों में उपवास रखने की परंपरा, भारतीय संस्कृति में सदियों पुरानी है। वैसे व्रत का कनेक्शन सिर्फ आस्था से ही नहीं, अच्छी सेहत से भी होता है। फास्ट के दौरान उल्टा-सीधा खाने से जो ब्रेक मिलता है, वो शरीर की मशीनरी को रेस्ट देता है जिससे बॉडी को अपनी एनर्जी रीस्टोर करने में मदद मिलती है। कई बार तो फास्टिंग किसी बीमारी में दवा से ज्यादा असरदार साबित होती है। कई रिसर्च में ये दावा किया गया है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग टाइप-2 डायबिटीज को रिवर्स कर सकती है। वो इसलिए क्योंकि इंटरमिटेंट फास्टिंग से पैंक्रियाज ज्यादा एक्टिव होते हैं और इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है जिससे ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है। इससे लिवर और मसल्स को ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में भी आसानी होती है। ये फॉर्मूला तब काम करता है, जब आप हाई शुगर के पेशेंट हैं। लेकिन अगर आपका शुगर लेवल लो रहता है तो व्रत रखने से ग्लूकोज लेवल डिप हो सकता है जिसमें अचानक बहुत पसीना आता है, शरीर में कंपकपाहट और धड़कनें तेज हो जाती हैं।

दरअसल, व्रत या आजकल चल रहे रमजान में ज्यादा देर तक बिना खाए पिए रहने से शरीर में इंसुलिन कम बनता है और कमजोरी महसूस हो सकती है। वहीं, दूसरी तरफ उपवास में शुगर पेशेंट्स की डाइट बदलने, मीठे और तले-भुने पकवान ज्यादा खाने से बॉडी में ग्लूकोज लेवल तेजी से बढ़ जाता है। शुगर लेवल ज्यादा बढ़ जाए तो भी दिक्कत, ज्यादा कम हो तो भी दिक्कत। ऐसे में वो 20 करोड़ से ज्यादा लोग क्या करें जो डायबिटीज के शिकार हैं या प्री डायबिटिक हैं, वो लोग व्रत कैसे रखें? उन्हीं लोगों की मुश्किल आसान करने के लिए आज हम नवरात्र के पहले दिन ये स्पेशल शो कर रहे हैं जिससे 9 दिन के उनके उपवास अच्छे से बीतें। तो चलिए योगगुरू से जानते हैं कि डायबिटीज के मरीज व्रत में कौन सा योग करें, क्या सावधानी बरतें कि उनका शुगर लेवल कंट्रोल में रहे।

डायबिटीज के मरीज को अपने खाने-पीने का खास ख्याल रखना चाहिए। डायबिटीज के रोगियों के लिए व्रत उपवास करना आसान नहीं है। ऐसे लोगों की डाइट में परिवर्तन होने से या ज्यादा समय तक भूखे रहने से परेशानी बढ़ने लगती है। डायबिटीज के मरीज अगर ज्यादा समय तक बिना खाए पिए रहते हैं तो शुगर लेवल कम हो जाता है जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं। इस स्थिति में मरीज के हाथ-पैर कांपने लगते हैं, कमजोरी महसूस होती है और धड़कन तेज हो जाती है। ऐसा तब होता है, जब आप इंसुलिन नहीं लेते और ज्यादा मीठा या तली-भुनी चीजें खाते हैं। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और व्रत रखना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें।

नई स्टडी में हुआ खुलासा

मेडिकल न्यूज टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में की गई एक हालिया स्टडी में पता चला है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से टाइप 2 डायबिटीज को रिवर्स करने में मदद मिल सकती है। इस स्टडी में शामिल किए गए 47.20% लोगों की टाइप 2 डायबिटीज की समस्या 3 महीने तक इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से पूरी तरह रिवर्स हो गई। स्टडी के नतीजे काफी हैरान करने वाले रहे। ये स्टडी ‘द जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म’ में पब्लिश हुई है। ये बात पहले भी साबित हो चुकी है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से शरीर में इंसुलिन रजिस्टेंस कम हो जाता है और वजन घटाने में भी काफी मदद मिलती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ दशकों में ये देखने को मिला है कि जो लोग खाने पीने का ध्यान रखकर कम समय में अपना वजन तेजी से कम करते हैं, उनमें से करीब 45% लोग टाइप 2 डायबिटीज को शुरुआती स्टेज में ही रिवर्स कर सकते हैं। वजन कम होने से पैंक्रियाज में इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है और ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है। इससे लिवर और मसल को ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में आसानी होती है। कुल मिलाकर खाने पीने का ध्यान रखकर टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है और कुछ मामलों में इसे रिवर्स भी किया जा सकता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इंटरमिटेंट फास्टिंग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। दरअसल, जब शुगर के पेशेंट उपवास करते हैं, तो उन्हें नॉर्मल दिनों की तुलना में ज्यादा देर तक खाली पेट रहना पड़ता है। इस वजह से उनके ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा कम हो सकती है। इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं, जो खतरनाक है।

उपवास में ब्‍लड शुगर कम होने पर दिखने वाले लक्षण

अचानक पसीना आना

शरीर में कमजोरी या कंपन होना
दिल की धड़कनें तेज होना
नोट- आमतौर पर 70 या इससे कम ब्लड शुगर होने पर ये लक्षण दिखते हैं

फास्टिंग

पैंक्रियाज एक्टिव
इंसुलिन प्रोडक्शन
ब्लड शुगर रेगुलेट

व्रत में शुगर लेवल

वक्त बेवक्त खाते हैं
ग्लूकोज ज्यादा बनता है
शुगर लेवल बढ़ता है
ज्यादा देर भूखे रहते हैं
ग्लूकोज कम बनता है
शुगर लेवल डाउन होता है

शुगर पेशेंट भारत में

10 करोड़ से ज्यादा
पिछले 30 साल में 150% बढ़े
अगले 15 साल में करीब 14 करोड़ होंगे
10 करोड़ से ज्यादा प्रीडायबिटिक

शुगर लेवल

नॉर्मल

खाने से पहले - 100 से कम
खाने के बाद - 140 से कम

प्री-डायबिटीज
खाने से पहले - 100-125 mg/dl
खाने के बाद - 140-199 mg/dl

डायबिटीज
खाने से पहले - 125 से ज्यादा mg/dl
खाने के बाद - 200 से ज्यादा mg/dl

डायबिटीज के लक्षण

ज्यादा प्यास लगना
वजन घटना
धुंधला दिखना
ज्यादा यूरिन आना
सिरदर्द
घाव न भरना
कमजोरी

चीनी कितनी खाएं?

WHO की गाइडलाइन
1 दिन में 5 ग्राम से ज्यादा चीनी न खाएं
5 ग्राम यानी 1 चम्मच
3 गुना ज्यादा चीनी खाते हैं लोग
सफेद चावल से डायबिटीज का रिस्क
20% ज्यादा डायबिटीज का खतरा

डायबिटीज की वजह

तनाव
बेवक्त खाना
जंकफूड
पानी कम पीना
वक्त पर न सोना
वर्कआउट न करना
मोटापा
जेनेटिक

शुगर होगी कंट्रोल, करें योग

मंडूकासन
योगमुद्रासन
वक्रासन
भुजंगासन

3 पौधों से शुगर कंट्रोल

एलोवेरा
स्टीविया प्लांट
इंसुलिन प्लांट

शुगर का इलाज

हफ्ते में 150 मिनट वर्कआउट जरूरी
शुगर का खतरा 60% करता है कम
रोज 20-25 मिनट करें एक्सरसाइज
उपवास में कुट्टू या सिंघहाड़े का आटा खाएं
इसकी रोटी बनाकर दही के साथ खाएं

शुगर होगी कंट्रोल, आजमाएं

खीरा-करेला-टमाटर का जूस लें
गिलोय का काढ़ा पिएं
मंडूकासन-योगमुद्रासन फायदेमंद
15 मिनट कपालभाति करें

शुगर होगी कंट्रोल, क्या खाएं?

रोज 1 चम्मच मेथी पाउडर खाएं
सुबह लहसुन की 2 कली खाएं
गोभी, करेला, लौकी खाएं

शुगर होगी कंट्रोल, घटाएं मोटापा

सिर्फ गुनगुना पानी पिएं
सुबह खाली पेट नींबू-पानी लें
लौकी का सूप-जूस-सब्जी खाएं
अनाज-चावल कम कर दें
खाने के 1 घंटे बाद पानी पिएं

 

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