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सर्वाइकल कैंसर को रोकने का क्या है तरीका, डॉक्टर बता रही हैं इस गंभीर बीमारी से जुड़ी हर जानकारी

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jan 06, 2025 02:58 pm IST,  Updated : Jan 06, 2025 02:59 pm IST

​सर्वाइकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो गर्भाशय के सबसे निचले हिस्से का घातक ट्यूमर है, यह कैंसर 30-45 वर्ष के बीच की महिलाओं को ज़्यादा होता है।

सर्वाइकल कैंसर- India TV Hindi
सर्वाइकल कैंसर Image Source : SOCIAL

सर्वाइकल कैंसर का शिकार महिलाएं ज़्यादा होती है। यह गर्भाशय के सबसे निचले हिस्से का घातक ट्यूमर है। यह ऊपरी योनि से संपर्क करता है जिसे गर्भाशय ग्रीवा कहा जाता है। कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि है, एचपीवी के खिलाफ स्क्रीनिंग और टीकों तक पहुंच की कमी के कारण अधिकांश देशों में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर मौत का एक आम कारण है। यह कैंसर 30-45 वर्ष के बीच की महिलाओं को ज़्यादा होता है। डॉ नैन्सी नागपाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी जानकारी दे रही हैं।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण:

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण तब विकसित होते हैं जब कैंसर कोशिकाएं आसपास के ऊतकों पर हमला करना शुरू कर दें। योनि से खून बहना बंद और चालू, दुर्गंधयुक्त योनि स्राव, संभोग के बाद रक्तस्राव, संभोग के दौरान दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, मीनोपॉज के बाद भी योनि से रक्तस्राव, असामान्य योनि से रक्तस्राव, थकान, भूख में कमी, वजन कम होना, पेल्विक में दर्द होना जैसी लक्षण शामिल हैं।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए आज़माएं ये उपाय:

  • जल्दी टीकाकरण: ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के खिलाफ टीकाकरण सुरक्षित और अत्यंत प्रभावी है। इसे 10 वर्ष की आयु से शुरू करना चाहिए और यौन सक्रियता शुरू होने से पहले यह सबसे प्रभावी होता है।

  • नियमित स्क्रीनिंग: नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग बहुत महत्वपूर्ण है। पैप स्मियर टेस्ट को HPV डीएनए टेस्ट के साथ जोड़ा जा सकता है ताकि शुरुआती चरण में किसी भी असामान्यता का पता लगाया जा सके। ये स्क्रीनिंग टेस्ट प्रीकैंसरस बदलावों को पहचानने और समय पर उपचार के लिए सहायक होते हैं।

  • सुरक्षित यौन संबंध रखें: संक्रमण से बचने के लिए कंडोम जैसे बैरियर मेथड का उपयोग करें। सुरक्षित यौन संबंध सर्वाइकल कैंसर से जुड़े संक्रमणों को रोकने में सहायक होते हैं।

  • स्वस्थ आहार: अपने आहार में एंटीऑक्सीडेंट्स शामिल करें ताकि प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सके। एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमणों से लड़ने और सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करती है।

  • धूम्रपान से बचें: धूम्रपान सर्वाइकल कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है और कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, जिससे शरीर संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।

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