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India TV Speed News Wellness Conclave: सोने से पहले घंटों रील देखने की आदत, सेहत के लिए कैसे बन रही है खतरनाक, डॉक्टर से जानें

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Mar 30, 2025 01:04 pm IST,  Updated : Mar 30, 2025 04:02 pm IST

Reels Effect On Sleep: सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी के जितने फायदे हैं कुछ नुकसान भी हैं। आजकल लोग घंटों सोने से पहले रील्स स्क्रॉल करते हैं। ये आदत आपकी सेहत पर बुरा असर डालती है। डॉक्टर से जानिए कैसे?

सोने से पहले फोन देखने के नुकसान- India TV Hindi
सोने से पहले फोन देखने के नुकसान Image Source : INDIA TV

आजकल लोगों को एक नई आदत लग गई है। लोग घंटों रील्स स्क्रॉल करके टाइमपास करते हैं। लेकिन ये कब आदत बन जाती है पता नहीं चलता। सोने से पहले रिलेक्स टाइम में ज्यादातर लोग पहले घंटों रील्स देखते हैं। कुछ लोगों को तो ऐसी आदत होती है कि रील्स देखे बिना नींद ही नहीं आती है, लेकिन आपकी ये आदत कब लत में बदल जाती है और सेहत के लिए खतरनाक हो जाती है आपको पता भी नहीं चलता। सोने से पहले घंटों रील्स देखना और सुबह आंख खोलते ही फोन, मैसेज और सोशल मीडिया पर एक्टिव होने से शरीर कई बीमारियों को न्योता देने लगता है। डॉक्टर से जानते हैं कि इससे शरीर पर क्या असर होता है?

डॉक्टर समीर भाटी (कंसल्टेंट, FCI, दिल्ली) से जब हमने इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया कैसे दिमाग के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इससे सबसे ज्यादा नींद प्रभावित हो रही है जो हमारे सिर से लेकर अंगूठे तक पूरे शरीर को प्रभावित करती है। मेंटल हेल्थ के लिए भी नींद सबसे ज्यादा जरूरी है। 

India TV Speed News Wellness Conclave
Image Source : INDIA TVIndia TV Speed News Wellness Conclave

सोने से पहले रील्स देखने की आदत है खतरनाक

डॉक्टर समीर भाटी के मुताबिक रात को जब सोते हैं सोने की तैयारी कर रहे होते हैं तो हमारे शरीर एक हार्मोन बनाता है, जिसे मेलाटोनिन हार्मोन कहते हैं। तो आपने जैसे ही स्क्रीन देखना शुरू किया अपने हाथ में मोबाइल फोन लिया तो आपने ब्रेन को सिग्नल जाएगा कि अभी दिन है रात नहीं हुई है और जो मेमेलाटोनिन हार्मोन बन रहा होता है वो डिस्टर्ब होता है। ये हार्मोन 6-7 बजे से रिलीज होने लगता है। इससे नींद प्रभावित होती है। इसके अलावा जब हम सोने के लिए जाते हैं तो हमारी ब्रेन वेव्स होती हैं। जिसमें अल्फा होती है कि हम रिलेक्स मोड में हैं। बीटा यानि हम बात कर रहे हैं, लेकिन जब आप मोबाइल फोन देख रहे हैं तो एकदम से अल्फा से बीटा में आपकी वेव्स चली जाती हैं।

सुबह उठते ही फोन देखने की आदत बना सकती है बीमार 

अगर आप सुबह उठते ही सबसे पहले मोबाइल फोन उठाते हैं तो देखिए आपका दिमाग डेल्टा यानि गहरी नींद में था और उठते ही आपने कुछ ऐसा वैसा देखा जिससे आपका दिमाग फिर एकदम से बीटा में चला जाता है। डायरेक्ट डेल्टा से बीटा, आप ये देखिए कि ब्रेन वेव्स में क्या हो रहा है।  ये बदलाव सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसकी वजह से आपको महसूस होगा कि आप नींद लेने के बाद भी खुद को रिफ्रेश फील नहीं कर रहे हैं। शरीर को जबरदस्ती उठाना पड़ता है। चाय कॉफी पीते हैं। जिससे रिफ्रेश फील करें। इसलिए सुबह उठते ही फोन देखने की बजाय कोई एक्टिविटी पहले कर लें। जैसे उठकर गुनगुना पानी पी लें। थोड़ी स्ट्रेचिंग कर लें। इसके बाद अपना फोन देखें। उठते ही बिस्तर पर फोन देखने की आदत छोड़ दें।  

 

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