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HMPV से पैनिक होने की नहीं है जरूरत, कोविड से भी पुराना है ये वायरस, डॉक्टर ने बताया बस इन बातों का रख लें ख्याल

 Written By: Sachin Chaudhary Edited By: Bharti Singh
 Published : Jan 07, 2025 11:49 am IST,  Updated : Jan 07, 2025 11:49 am IST

HMPV Preventions Tips: चीन में HMPV का प्रकोप देखने के बाद लोग इस वायरस से डरने लगे हैं। हालांकि ये कोई नया वायरस नहीं है और इससे पैनिक होने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ख्याल रखते हुए आप इस वायरस के हमले से बच सकते हैं।

HMPV से कैसे बचें?- India TV Hindi
HMPV से कैसे बचें? Image Source : FREEPIK

भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस यानी HMPV के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं। लोग HMPV को लेकर थोड़ा डरे हुए हैं। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों की तमात तरह की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा है कि इस वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग सांस संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चीन में HMPV के प्रकोप को देखते हुए वैश्विक स्तर पर इस वायरस को कंट्रोल करने की तैयारियां की जा रही हैं। HMPV नॉर्मल फ्लू की तरह है जो संक्रामक बीमारी है। हालांकि इससे घबराने की या किसी तरह के पैनिक में आने की जरूरत नहीं है। 

महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स के सदस्य और सांस की बीमारी से संबंधित सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त टास्क फोर्स के मेंबर और मुंबई में एचएन रिलायंस हॉस्पिटल आईसीयू यूनिट के प्रमुख डॉ राहुल पंडित ने बताया कि 'HMPV ह्यूमन न्यूटान्यूमोवायरस से पैनिक होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। यह कोई नया वायरस नहीं है यह कोविड से भी पुराना वायरस है। 2001 में इसके केसेस नीदरलैंड में पाए गए थे।  हर वायरस में म्यूटेशन होता है पर यह घातक नहीं है। एचएमपीवी सामान्य फ्लू निमोनिया जैसा ही है। इससे अधिक केसेस दूसरे वायरल इंफेक्शन और बीमारियों के हमारे पास आते हैं' 

HMPV कितना खतरनाक है?

HMPV के लक्षण वही सर्दी खासी जैसे हैं। इसमें मृत्युदर बेहद कम है जो कैंसर, हाई शुगर और अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग हैं उन्हें थोड़ा ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। संक्रमण के बाद मरीज सात दिनों में एकदम चुस्त दुरुस्त ठीक हो जाता है। 

बच्चों पर क्यों अटैक कर रहा है HMPV 

अभी बच्चों में क्यों ज्यादा पाया जा रहा क्योंकि उनके शरीर में एंटीबॉडीज तैयार हो रहे हैं। जो बड़े उम्र के लोग है उनको यह होकर  सही गया होगा, उनके शरीर में पहले से एंटी बोडीज तैयार हैं। इसलिए लोग पैनिक ना हों, दो तीन दिन में सर्दी खासी बुखार ठीक नहीं होता है तो डॉक्टर की सलाह ले। खुद से टेस्ट ना कराये ना इसमें हॉस्पिटल में दाखिल होने की ज़्यादा जरूरत है।

HMPV से कैसे बचें?

बस कोविड में जो एहतियात बरतते थे वही बातें ध्यान रखनी हैं। जैसे सर्दी खांसी हो तो रूमाल का उपयोग करें। खांसने और छींकने के तुरंत बाद हाथ धोएं। आईसीएमआर की जो गाइडलाइन्स हैं उसी पर अमल करें। सोशल मीडिया के वायरल हो रही बातों पर ध्यान न दें। यह एक सामान्य वायरस है जिससे किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।

 

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