डिप्रेशन यानि अवसाद एक मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम है। जिसके मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। खराब हो रही लाइफस्टाइल, पैसे कमाने की चाहत, अकेलापन और भागदौड़ भरी जिंदगी इंसान को डिप्रेशन की ओर ले जा सकती है। कई बार लोग डिप्रेशन को नॉर्मल मानकर उसके लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। डिप्रेशन से बचना है तो कुछ आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें। क्योंकि ऐसे लोगों को डिप्रेशन का खतरा दूसरों के मुकाबले कम होता है। हाल ही में हुई NIH की स्टडी में ये सामने आया है कि कुछ आदतें आपको अवसाद से दूर रखने में मदद करती हैं।
इन लोगों को नहीं होता डिप्रेशन?
NIH की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर आप कुछ हेल्दी आदतों को अपनाते हैं तो डिप्रेशन से दूर रह सकते हैं। ये आदतें इंसान को अवसाद से निकलने में भी मदद करती हैं। रिसर्च में सामने आया है कि जो लोग हेल्दी खाना खाते हैं, अच्छी नींद लेते हैं और फिजिकली एक्टिव रहते हैं उन्हें डिप्रेशन का खतरा काफी कम होता है। धूप में समय गुजारने से और आराम करने से आप मेंटली रिलैक्स फील करते हैं। जो डिप्रेशन से लड़ने के लिए जरूरी है।
डिप्रेशन से बचने के लिए क्या करें?
व्यायाम करना- हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि जो लोग फिजिकली एक्टिव रहते हैं। अपने शरीर को रोजाना हिलाते-डुलाते रहते हैं वो दूसरों के मुकाबले ज्यादा स्वस्थ और सकारात्मक विचारों वाले होते हैं। आप चाहे रोजाना टहलते हों या कोई और व्यायाम करते हों, ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रसायन छोड़ते हैं जो आपको शांत और खुशी महसूस कराते हैं। इससे आप नकारात्मक विचारों से दूर रहते हैं और डिप्रेशन से बच सकते हैं।
अच्छा खाना- जो लोग अपनी डाइट का ख्याल रखते हैं और हेल्दी खाना खाते हैं उन्हें डिप्रेशन का खतरा दूसरों से कम होता है। आपको खाने में साबुत अनाज, फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और भरपूर पानी शामिल करना चाहिए। इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है जिससे आप न सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली भी खुद को मजबूत बनाते हैं। इससे दिमाग अच्छी तरह से काम करता है और भावनात्मक मजबूती को बढ़ावा मिलता है।
परिवार के साथ रहना- अगर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ रहते हैं। उनसे खुलकर बात करते हैं तो इससे आपकी मेंटल हेल्थ में भी सुधार आता है। मजबूत सामाजिक संबंध, अपनी भावनाओं को दूसरों के साथ साझा करने से अकेलापन दूर होता है। इससे आप जीवन में उदासी और नकारात्मक सोच से बचते हैं। इसलिए अपने दिल की बात शेयर जरूर करनी चाहिए।
प्रकृति के नजदीक- जो लोग प्रकृति के नजदीक रहते हैं उन्हें डिप्रेशन होने का खतरा कम होता है। रोजाना थोड़ी देर सूरज की रोशनी में बाहर समय बिताने से शरीर को विटामिन डी मिलता है। इससे मूड बेहतर और मानसिक स्वास्थ्य मजबूत बनता है। खुली हवा में सांस लेने और टहलने से नकारात्मकता दूर होती है।
मन के डर को दूर करें- हर किसी के मन में किसी न किसी बात को लेकर डर रहता है। लेकिन जो लोग रोजाना कृतज्ञता का अभ्यास करते हैं। अपने जीवन में हर रोज सकारात्मक बातें लिखते हैं। वो अपने मन के डर को दूर भगाने में सफल होते हैं। इससे आप मानसिक रूप से हल्का महसूस करते हैं और दिमाग रिलेक्स होता है। काम के बीच स्ट्रेस बर्नआउट के लिए हेल्दी रास्ता जरूर अपनाएं।
नशे से दूर रहें- डिप्रेशन से बचने के लिए आपको शराब, तंबाकू या किसी दूसरे नशे से दूर रहना चाहिए। इससे एक पल लगता है कि हमारा दिमाग रिलेक्स है लेकिन अगली सुबह आप और ज्यादा परेशान और बेचैन हो जाते हैं। आज के दौर में स्क्रीन पर ज्याजा समय बिताने की आदत भी आपको डिप्रेशन की ओर ले जा सकती है। इसलिए अपने दिमाग को अति-उत्तेजित होने और तनाव से बचाना चाहिए।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)