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पेनक्रियाज खराब होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं और कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? बता रहे हैं एक्सपर्ट

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Nov 19, 2025 09:37 pm IST,  Updated : Nov 19, 2025 09:42 pm IST

पेनक्रियाज खराब होने पर शरीर में कुछ गंभीर लक्षण दिखने लगते हैं। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं इस स्थिति में सेहत से जुड़ी कौन सी परेशानियां झेलनी पड़ सकती है।

पेनक्रियाज खराब होने पर लक्षण- India TV Hindi
पेनक्रियाज खराब होने पर लक्षण Image Source : FREEPIK

पेनक्रियाज़ पेट का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन एंज़ाइम और शुगर नियंत्रण के लिए आवश्यक हार्मोन बनाता है। जब यह अंग सूज जाता है, क्षतिग्रस्त होता है या ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है। पीएसआरआई हॉस्पिटल में कंसल्टेंट, डॉक्टर निशांत कुरियन के अनुसार, इन लक्षणों को समय पर पहचानकर उपचार शुरू करना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि देर होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में चलिए जानते हैं पेनक्रियाज़ खराब होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं और इस वजह से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?

पेनक्रियाज़ खराब होने पर दिखते हैं ये लक्षण

सबसे आम लक्षण ऊपरी पेट में तेज़ या लगातार रहने वाला दर्द है। यह दर्द अक्सर पीठ तक जाता है और झुककर बैठने पर थोड़ा आराम मिलता है। खाने के बाद दर्द बढ़ना पेनक्रियाज़ की गड़बड़ी का एक विशिष्ट संकेत माना जाता है। इसके साथ-साथ मिचली, उल्टी, भूख में कमी और पेट फूलना भी आम हैं। कई मरीजों में चक्कर, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, क्योंकि शरीर भोजन को ठीक से पचा नहीं पाता।

पेनक्रियाज़ ख़राब होने पर हो सकती हैं ये समस्याएं

यदि पेनक्रियाज़ लंबे समय तक खराब रहे, तो पाचन एंज़ाइमों की कमी हो जाती है। इससे मल तैलीय, बदबूदार और पानी पर तैरता हुआ दिखाई देता है, इसे स्टेटोरिया कहा जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है, जिसके कारण वज़न कम होना, त्वचा सूखना और विटामिन की कमी जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।

पेनक्रियाज़ की बीमारी बढ़ने पर इसकी इंसुलिन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकती है और डायबिटीज़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस वाले मरीजों में यह जोखिम अधिक रहता है। कुछ मामलों में पेनक्रियाज़ की सूजन इतनी बढ़ सकती है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती होकर फ्लूड मैनेजमेंट, दर्द नियंत्रण और संक्रमण की रोकथाम की आवश्यकता होती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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