क्या आपका शरीर गर्म रहता है और पैर हमेशा ठंडे (causes cold feet in hindi) रहते हैं? दरअसल, बहुत से लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं और समझ नहीं पाते कि ऐसा क्यों हो रहा है। दरअसल, इसके पीछे उनकी सेहत से जुड़ी गड़बड़ियां हैं। जी हां, जिन लोगों के शरीर में खून की कमी होती है, उनके पैर हमेशा ठंडे रहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि खून हमारे शरीर में गर्मी पैदा करती है और जब ये कम होने लगती है तो शरीर ठंड पड़ जाता है। ऐसे में सबसे पहले इसका असर पैरों में दिखता है। लेकिन, इसके अलावा भी हमेशा पैर ठंडा रहने के पीछे कई कारण (pair thande hone ke karan) हैं, आइए जानते हैं।
विटामिन बी (Vitamin b) की कमी के कारण अक्सर लोगों के पैर ठंडे रहते हैं। दरअसल, विटामिन बी जो कि नियासिन भी कहता है ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है जिससे शरीर में सूजन को कम करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है। जिन लोगों में इसकी कमी होती है उनका ब्लड सर्कुलेशन कम होता है और इसकी वजह पैर हमेशा ठंडे रहते हैं।

खराब लाइफस्टाइल और बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से शरीर में सूजन बढ़ जाती है। ऐसे में एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) नामक समस्या होती है। ये दिल से जुड़ी बीमारी है जिसमें शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित रहता है और पैरों तक आते-आते ब्लड सर्कुलेशन इतना कम हो जाता है कि पैर ठंडे रह जाते हैं।
शरीर में आयरन की कमी शरीर में ऑक्सीजन ले जाने वाली रेड ब्लड सेल्स को बढ़ावा देते हैं। आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है जिसकी वजह से भी आपके पैर हमेशा ठंडे रह सकते हैं।

डायबिटीज के कारण को पैरों में न्यूरोपैथी की समस्या हो सकती है। ऐसे में आपके पैर हमेशा ठंडे रहते है क्योंकि पैरों में तंत्रिका क्षति हो जाती है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित रहता है।
जब शरीर थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं करता है, तो आपके शरीर का चयापचय प्रभावित होता है। चूंकि चयापचय दिल की धड़कन और शरीर के तापमान दोनों को नियंत्रित करता है। ये अंडरएक्टिव थायराइड ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है और ठंडे पैरों का कारण बन सकता है।
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