डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic Ketoacidosis) यानी DKA डायबिटीज की एक गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा इमरजेंसी कंडीशन है। डॉक्टर राजीव चौधरी (डायरेक्टर इंटरनल मेडिसिन, यथार्थ हॉस्पिटल फ़रीदाबाद) के मुताबिक, यह तब होता है जब शरीर में इंसुलिन की पर्याप्त मात्रा नहीं होती। ऐसी स्थिति में ग्लूकोज कोशिकाओं के लिए ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल नहीं हो पाता और शरीर ऊर्जा के लिए फैट तोड़ना शुरू कर देता है। इससे कीटोन्स नामक एसिडिक पदार्थ बनते हैं, जो खून में जमा होकर शरीर के एसिड बेस बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं। यह स्थिति टाइप-1 डायबिटीज में अधिक आम है, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज वाले मरीजों में भी DKA हो सकता है। कई बार DKA किसी ऐसे व्यक्ति में भी डायबिटीज का पहला संकेत हो सकता है, जिसे पहले बीमारी का पता ही न हो।
DKA क्यों हो सकता है?
डॉक्टर राजीव ने बताया कि इंसुलिन की डोज मिस करना, इंसुलिन की जरूरत बढ़ जाना, गंभीर संक्रमण या अन्य बीमारी होने पर ऐसा हो सकता है। इसके अलावा शरीर में डिहाइड्रेशन और कुछ अन्य शारीरिक तनाव इसके ट्रिगर हो सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों में बीमारी या संक्रमण के दौरान डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का जोखिम बढ़ सकता है।
डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के लक्षण
डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के शुरुआती लक्षणों में बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना शामिल हो सकता है। स्थिति बिगड़ने पर मतली और उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी, मुंह और त्वचा का सूखना, तेज और गहरी सांसें और सांस से फलों जैसी स्मैल आ सकती है। गंभीर स्थिति में मरीज भ्रमित हो सकता है या उसकी कन्सियसनेस यानि चेतना प्रभावित हो सकती है। सबसे अहम बात यह है कि DKA को घर पर मैनेज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और मरीज को तुरंत अस्पताल में इलाज की जरूरत होती है। जिसमें फ्ल्युड्स, इलेक्ट्रोलाइट्स और इंसुलिन सहित अंडर लेइंग ट्रिगर का इलाज किया जाता है।
इन चीजों को न करें नजरअंदाज
डायबिटीज के मरीज को अगर शुगर बढ़ने के साथ उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, मुंह से फल जैसी स्मैल आने लगे, अत्यधिक कमजोरी या कंफ्यूजन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे केवल शुगर बढ़ गई है ऐसा मानकर नजरअंदाज न करें। DKA जैसी गंभीर स्थिति की संभावना को देखते हुए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)