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क्या होती है रेट्रो वॉक, इसे कैसे करते हैं और फायदे क्या हैं, वजन घटाने में कितनी असरदार है Retro Walking

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Dec 08, 2025 09:17 am IST,  Updated : Dec 08, 2025 09:19 am IST

What Is Retro Walk: वॉक और जॉगिंग तो आपने खूब की होगी, लेकिन एक बार रेट्रो वॉक जरूर ट्राई करें। घुटनों को मजबूत बनाने, दिमाग को एक्टिव करने और वजन घटाने में रेट्रो वॉक बहुत फायदेमंद है। जानिए रेट्रो वॉक कैसे करते हैं?

Retro Walking- India TV Hindi
Retro Walking Image Source : FREEPIK

जैसे सफर में पीछे मुड़कर देखने से दिशा साफ हो जाती है वैसे ही सर्दियों में पीछे चलना यानि रेट्रो वॉकिंग हमारे शरीर और दिमाग के लिए कमाल कर सकती है। थोड़ी-सी उल्टी चाल आपको सर्दी वाली सुबह में नई ऊर्जा दे सकती है। सर्दी आते ही शरीर सुस्त, दिमाग भारी और जोड़ अकड़ने लगते हैं। इसी मौसम में डायबिटीज, BP, हार्ट और थायराइड वाले मरीजों की परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। इसका कारण ठंड में फिजिकल एक्टिविटी कम होना है। जबकि सर्दियों में आपको ज्यादा एक्टिव होने की जरूरत है। सुबह 20 से 30 मिनट वॉक कीजिए जिससे दिल, दिमाग, लंग्स को 'मॉर्निंग टॉनिक' मिल सके। इसके साथ ही रेट्रो वॉकिंग करना मत भूलिए क्योंकि ये सर्दी की वो दवा है जो कैलोरी जलाती है, घुटनों को दर्द से राहत देती है और दिमाग को एक्टिव रखती है। यही मौसम है जब धूप से विटामिन-D लेना ज्यादा जरुरी हो जाता है। इसलिए पार्क में थोड़ी देर रेट्रो वॉक जरूर कर लें।

कैसे करते हैं रेट्रो वॉक

आपको इसमें कुछ खास नहीं करना है। बस थोड़ी देर उल्टे कदमों से वॉक करनी है। रेट्रो वॉक को आप रिवर्स वॉक भी कह सकते हैं। इसमें आपके कदम आगे नहीं बल्कि पीछे की ओर चलते हैं। इससे जोड़ों के दर्द, फ्लेक्सिविलिटी और बॉडी बैलेंसिंग में मदद मिलती है। दिमाग के लिए भी बैकवर्ड वॉकिंग अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है। रिपोर्ट्स की मानें तो सिर्फ 10-15 मिनट की रेट्रो वॉक आपको 30 मिनट की वॉक जितने फायदे देती है।

 रेट्रो वॉक के फायदे

जब आप उल्टा चलते हैं तो इससे दिमाग और मसल्स का कनेक्शन मजबूत होता है। क्योंकि जरा सी लापरवाही से आप गिर भी सकते हैं। इस तरह वॉक करने से दिमाग काफी एक्टिव हो जाता है। रेट्रो वॉकिंग को ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए अच्छा माना जाता है। इससे फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। पीछे चलने में काफी मेहनत लगती है जिससे तेजी से वजन कम होता है। तनाव और एंग्जाइटी को कम करने में मदद मिलती है और इससे नींद में भी सुधार आता है। इससे आपके सोचने-समझने की शक्ति बढ़ती है। 

रेट्रो वॉक करते वक्त ध्यान दें

हालांकि रेट्रो वॉक के साथ यहां कुछ बातों का ख्याल रखना भी जरुरी है। जैसे डायबिटीज वाले लोग नंगे पैर बिल्कुल न चलें। हार्ट प्रॉब्लम वाले लोग वॉक से पहले हल्का वॉर्म अप जरूर करें। थायराइड वाले सुस्ती से लड़ने के लिए रोज तेज वॉक करें। शुरुआत में धीरे और कम देर के लिए चलें। पीछे मुडकर भी देखते रहें। ऐसी जगह चुनें जहां पीछे कोई दूसरा न हो। ठंड में फिट और एक्टिवि रहने के लिए थोड़ी-सी धूप, थोड़ी-सी वॉक और थोड़ी-सी समझ बस इतना काफी है। हां इसके बाद योग सर्दी की मुश्किलों से लड़ने में मदद करेगा।

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